शक्लो-सूरत से धोखा मत खाइए, ये सोया हुआ बंदा है करोड़पति

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अमृतसर। शहर के गुरुनानक देव अस्पताल में कुलजीत सिंह तीन दिन तक इलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहा। उसके गले और पांव में दर्द था। यहां इलाज तो नहीं हुआ, अस्पताल स्टाफ ने वीरवार शाम उसे कचरे के ढेर में जरूर फेंक दिया। लेकिन शुक्रवार को पता चला कि कुलजीत करोड़पति परिवार का सदस्य है। देखते ही देखते अस्पताल में उसके इलाज के साथ ही खातिरदारी भी शुरू हो गई। कुलजीत जंडियाला के गांव निज्जर का रहने वाला है।

करोड़पति निकला… जबकि उसका भाई लवजीत छत्तीसगढ़ के रायपुर में रहता है। वे वहां 40 एकड़ जमीन के मालिक हैं। ढाबा चलाते हैं। अस्पताल स्टाफ ने जब कुलजीत को व्हील चेयर पर डालकर बाहर फेंक दिया तो यह मामला मीडिया में उछल गया। खबरों के जरिए ही लवजीत को अपने भाई के इस हालत की जानकारी मिली। इसके बाद वे तुरंत अमृतसर पहुंचे और कुलजीत का इलाज शुरू कराया।

आतंकियों ने की थी पिता की हत्या : लवजीत ने बताया कि 1986 में आतंकियों ने उनके माता-पिता की हत्या कर दी थी। पिता दलबीर सिंह एएसआई थे। वे कुछ साल पहले गांव की जमीन कुलजीत को सौंपकर छत्तीसगढ़ चले गए। छह साल पहले पता चला कि कुलजीत गांव से गायब हो गया है। इसके बाद अब उसकी खबर मिली है।

कुलजीत को भले ही गत दिवस मीडिया के दखल के बाद गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कर लिया गया, लेकिन उसे दवाएं नसीब नहीं हुई। अस्पताल प्रबंधन ने अखिल भारतीय ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन के हस्तक्षेप के बाद उसकी पुअर फ्री फाइल बनाई है। इसमें उसका इलाज और अस्पताल में होने वाले टेस्ट तो फ्री होंगे, लेकिन बाहर से होने वाले टेस्ट्स व पूरी दवाओं का खर्चा उसे खुद ही उठाना पड़ेगा। डाक्टरों के अनुसार कुलजीत का बोन मेरो काम नहीं कर रहा और एचबी (हीमोग्लोबिन) मात्र दो ग्राम रह गया है। उसे अन्य संक्रमण रोग होने की भी आशंका है। उसका परिवार भी आ गया है।