रजा के मामले में उलझे केजरीवाल

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नई दिल्ली -कांग्रेस और भाजपा को हिलाने की दम रखने वाले आप पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल एक आफत में पद गए है और ये आफत उन पर आई है उत्तर प्रदेश में में दंगे भड़काने के आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां से समर्थन मांगने से तौकीर रजा मुसलमानों के बरेलवी संप्रदाय के नेता हैं समाजवादी पार्टी की सरकार ने उन्हें हथकरघा और वस्त्रोद्योग के सलाहकार का पद देकर राज्यमंत्री का दर्जा दे रखा है। मार्च, 2010 में बरेली में हुए दंगों को भड़काने के आरोप में तौकीर रजा की गिरफ्तारी हुई थी जेल से उनके निकलने के बाद भी बरेली में दंगे हुए थे।उन्ही रजा से केजरीवाल ने रजा दिल्ली विधानसभा चुनाव में साथ मांगा था और उन्होंने आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए हां भी कर दी थी। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में केजरीवाल,से जब पूछा गया कि दंगों के केस से जुड़े तौकीर रजा से वह क्यों समर्थन मांग रहे हैं, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें तौकीर रजा के उस अतीत के बारे में जानकारी नहीं है, जो यहां यहां बताई जा रही है। उन्होंने साफ किया कि वह मामले को समझकर इस पर अपना अंतिम फैसला लेंगें। इस बीच, तौकीर रजा ने कहा है कि आरोप लगने से कोई दोषी नहीं हो जाता है।