हिंदुस्तान निकला मंगल गृह की यात्रा पर

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नई दिल्ली – हिंदुस्तान ने मंगलयान को इसरो के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से पोलर सैटलाइट लॉन्च वीइकल (पीएसएलवी) सी-25 की मदद से मंगलवार दोपहर 2.38 बजे छोड़ा। तीन बज कर 20 मिनट के निर्धारित समय पर यह पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गया। इसके साथ ही पीएसएलवी सी- 25 लॉन्च का चौथा चरण भी सफलतापूर्वक पूरा हो गया।गौरतलब है कि मंगलयान को पिछले महीने 19 अक्टूबर को छोडे़ जाने की योजना थी, लेकिन दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण यह काम टाल दिया गया था। ध्यान रहे कि इस अभियान को मार्स ऑर्बिटर मिशन नाम दिया गया है।
भारत के इस मिशन के लिए सरकार ने इसरो को 3 अगस्त 2012 को मंजूरी दी थी। वैसे, इसके लिए 2011-12 के बजट में ही फंड का प्रावधान कर दिया गया था। भारत की जनता के साथ ही देश के स्पेस साइंटिस्ट्स इस अभियान को लेकर खासे उत्साहित हैं।अभी तक अमेरिका, रूस और यूरोप के कुछ देश (संयुक्त रूप से) ही मंगल की कक्षा में अपने यान भेज पाए हैं। चीन और जापान इस कोशिश में अब तक कामयाब नहीं हो सके हैं। रूस भी अपनी कई असफल कोशिशों के बाद इस मिशन में सफल हो पाया है। अब तक मंगल को जानने के लिए शुरू किए गए दो तिहाई अभियान नाकाम साबित हुए हैं। अब भारत भी उन देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने मंगल ग्रह के लिए अपने यान भेजे हैं।
बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने मिशन मंगल ऑर्बिटर में लगे हुए सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा वैज्ञानिकों के इस प्रयास से आज दुनिया में देश का मान बढ़ा है।