फरीदाबाद में था विकास दुबे पर पुलिस उसे पहचान नहीं पाई

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फरीदाबाद = कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करके फरार होने वाले जिस विकासदुबे को कानपूर और अन्य प्रदेशों की पुलिस रात दिन ढूंढ यही है वो कानपूर से  ज्यादा  दूर नहीं बल्कि पास ही  फरीदाबाद  में देखा  गया पर पुलिस उसे पहचान नहीं पाई और वो एक बार फिर फरार हो गया एक मिठाई की दूकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में  फुटेज में विकास रोड पर खड़ा ऑटो का इंतजार करता दिखता है। मिठाई की एक दुकान के सामने खड़ा विकास करीब पांच मिनट तक वहां इंतजार करता रहा।  पहले दो ऑटो ने उसे नहीं बिठाया। तीसरे ऑटो में वह बैठा और चला गया। उसने काले रंग की शर्ट, जींस और मास्क पहना हुआ था। उसके कंधे पर एक बैग भी देखा गया है। माना जा रहा है कि वह अपना सामान लिए इधर-उधर छिपता फिर रहा है। जिस इलाके में विकास को देखा गया, वहां के एक शख्‍स ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि पुलिस ने विकास को देखा था मगर पहचान नहीं सकी।विकास दुबे असल में बदखल चौक इलाके में स्थित एक छोटे होटल में रुका था। होटल के कर्मचारियों के अनुसार, विकास ने अपनी पहचान अंकुर के रूप में कराई थी। पुलिस टीम के होटल पहुंचने से पहले ही विकास वहां से फरार हो गया। उसके कुछ सहयोगी वहां से पकड़े गए हैं। दिल्‍ली-एनसीआर में कई जगहों पर उसकी तलाश की जा रही है। वेस्‍टर्न यूपी के कई जिलों में भी विकास और उसके गुर्गों का पता लगाया जा रहा है।उत्‍तर प्रदेश पुलिस की तेज धरपकड़ से घबराए विकास को राज्‍य छोड़ना ही ठीक लगा। फरीदाबाद में होने से उसकी मंशा सरेंडर करने की लग रही है। विकास के वकील भी सक्रिय हो गए हैं। विकास दुबे को डर है कि अगर यूपी पुलिस के हत्‍थे चढ़ा तो उसका एनकाउंटर तय है। इसीलिए उसने दिल्‍ली-एनसीआर का रुख किया है। यहां पूरे देश का मीडिया है, इतने तामझाम के बीच एनकाउंटर मुश्किल होगा। दूसरी बात यह भी है कि यूपी के भीतर कहीं भी रहना उसके लिए खतरे से खाली नहीं था इधर विकास दुबे का एक खास गुर्गा अमर दुबे मुठभेड़ में मार गिराया गया है। स्‍पेशल टास्‍क फोर्स  की एक टीम ने हमीरपुर में हुए एनकाउंटर में अमर को ढेर किया। वह कानपुर शूटआउट के बाद से ही फरार चल रहा था। वह उस रात विकास के साथ ही था। अमर पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। बताया जाता है कि हमीरपुर में अमर किसी रिश्‍तेदार के यहां छिपने आया था।