आरजेडी में इस्तीफों का दौर

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आरा = बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटी आरजेडी को एक बार फिर से तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र यादव ने अपने पद से और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व विधायक विजेंद्र यादव को आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद यादव का काफी करीब माना जाता है। विजेंद्र यादव की भूमिका भोजपुर में किंगमेकर के तौर पर रही है। हालांकि, काफी दिनों से वो पार्टी से नाराज चल रहे थे।आरजेडी से इस्तीफे के बाद विजेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी में उपेक्षा की वजह से उन्होंने ये कदम उठाया। पैराशूट उम्मीदवार को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई है। अभी वो किस दल में जा रहे हैं ये स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जो भी दल सम्मान के साथ बुलाएंगे हम उनके साथ जा सकते हैं। हमने किसी भी दल के नेताओं से बात नहीं की है। फिलहाल मैं जिस दल में जाऊंगा उसी से चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे आरजेडी से अलग से होने कुछ ना कुछ प्रभाव जरूर पड़ेगा। अभी हम अपने लोगों के साथ बैठकर विचार करेंगे तभी आगे कोई फैसला लेंगे कि किस पार्टी में फैसला लेंगे।विजेंद्र यादव, आरा के संदेश से दो बार विधायक रहे हैं। वर्तमान में उनके भाई अरुण यादव संदेश से आरजेडी के विधायक हैं। विजेंद्र यादव ने शनिवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसी के साथ आरजेडी से करीब तीन दशक पुराना नाता उन्होंने तोड़ने का ऐलान किया।
भोजपुर के दिग्गज नेताओं में शुमार विजेंद्र यादव ने पार्टी पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनकी गिनती प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के करीबी नेताओं में होती रही है। ऐसा माना जा रहा कि चुनाव से ठीक पहले विजेंद्र यादव के इस्तीफे से भोजपुर में राष्ट्रीय जनता दल को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि विजेंद्र यादव की भूमिका भोजपुर में किंग मेकर के रूप में रही है। इससे पहले आरजेडी के पांच विधान पार्षदों ने जेडीयू का दामन थाम लिया। सूत्र बता रहे कि आरजेडी के और भी कई नेता आने वाले समय में पार्टी छोड़ सकते हैं।