रघुवंश प्रसाद ने आरजेडी उपाध्यक्ष पद छोड़ा

0
22

पटना = बिहार विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले  राष्ट्रीय जनता दल  में तोड़फोड़ का सिलसिला शुरू हो चुका है। आरजेडी के पांच विधान परिषद के विधायक जेडीयू में चले गए। इससे भी बड़ा झटका आरजेडी को तब लगा जब पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही ये भी अटकलें हैं कि रघुवंश प्रसाद आरजेडी से अलग भी हो सकते हैं।  दरअसल  रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह वह नेता हैं जिनकी वजह से आरजेडी में अफरातफरी मच गई है। रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह बिहार के बाहुबली नेता हैं। अपहरण, धमकी, रंगदारी, मर्डर जैसे संगीन अपराध में आरोपी हैं। 90 के दशक में एक नाम तेजी से उभरा था, रामा किशोर सिंह। ये दौर था बाहुबल का, उसी समय हाजीपुर से सटे वैशाली के महनार इलाके में एक और दबंग उभर रहा था- राम किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह।
रामा सिंह पांच बार विधायक रहे हैं और 2014 के मोदी लहर में राम विलास पासवान की लोजपा से वैशाली से सांसद चुने गए। उन्होंने आरजेडी के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह को हराया। इसी हार के बाद रघुवंश प्रसाद रामा सिंह का नाम तक नहीं सुनना चाहते हैं। इलाके के लोग बताते हैं कि रामा सिंह छवि बाहुबली की है तो रघुवंश प्रसाद बिल्कुल समाजवादी और मिलनसार नेता हैं। यूं कहें कि दोनों की राजनीति की तुलना करें तो नदी के दो किनारों के समान है।
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद रघुवंश प्रसाद सिंह ने जयचंद वैद अपहरण कांड को ही आधार बना कर पटना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह का आरोप था कि चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र में रामा किशोर सिंह ने वैद अपहरण कांड से संबंधित जानकारी नहीं दी है, इसलिए लोकसभा की उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।रामा सिंह तो वैसे कई बार चर्चा में रहे, लेकिन उनका पुलिस फाइल में बड़ा नाम तब आया जब वह विधायक बन गए। केस साल 2001 का है, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके में 29 मार्च 2001 को पेट्रोल पंप व्यवसायी जयचंद वैद्य का अपहरण हुआ था। अपहरणकर्ता जयचंद को उनकी कार के साथ ले गए थे।डेढ़ महीने बाद बड़ी मुश्किल से जयचंद वैद की रिहाई संभव हो पाई थी। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी कि जयचंद वैद अपहरण में जिस कार का इस्तेमाल किया गया था, वह कार रामा किशोर सिंह के घर से ही बरामद हुई थी। इस केस में रामा सिंह को छत्तीसगढ़ की अदालत में सरेंडर कर जेल भी जाना पड़ा था।
सूत्रों का कहना है कि रामा सिंह ने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की है। लालू ने ही रामा सिंह को आरजेडी में आने की अनुमति दी है। सूत्रों का कहना है कि 29 जून को रामा सिंह आरजेडी ज्वाइन कर सकते हैं। वैशाली जिले में रामा सिंह की गिनती एलजेपी के बड़े नेताओं में की जाती रही है और सवर्णों के बीच उनका बड़ा वोट बैंक है।