पानी तक नहीं पी सकते पीपीई किट पहनने के दौरान

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नोएडा =कोरोना योद्धाओं के लिए कवच की तरह काम कर रहा पीपीई किट इस भीषण गर्मी में उनके लिए मुसीबत बन गया है। डॉक्टर, स्पेशल ऐम्बुलेंस चालक, ईसीजी लैब टेक्निशियन, नर्स आदि का कहना है कि इसे पहनने के बाद पूरा शरीर पसीने से तर हो जाता है। आंखों में जलन होने लगती है। प्यास के मारे गला सूख जाता है लेकिन पानी नहीं पी सकते। डिहाइड्रेशन का डर बना रहता है।
नवभारत  टाइम्स के खबर के मुताबिक  चाइल्ड पीजीआई के आइसोलेशन वॉर्ड में तैनात स्टाफ नर्स शैलेष ने बताया कि चार चार घंटे पीपीई किट पहनकर काम करना पड़ रहा है। पारा 45 के पास पहुंच गया है। बिना एसी पीपीई किट पहनने की वजह से हर 2 घंटे में कपड़ा भीग जाता है। मजबूरन कुछ देर के लिए पीपीई किट उतरना पड़ता है। लगातार मास्क पहनने से चेहरे पर दाग पड़ रहे हैं और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।
चाइल्ड पीजीआई में तैनात डॉ. संतराम वर्मा आइसोलेशन वॉर्ड के इंचार्ज हैं। सुबह 10 बजे वह जब राउंड पर जाते हैं तो पीपीई किट, चश्मा, फेस शील्ड मास्क, गलब्स, गाउन हेड कवर और शू कवर पहनकर मरीज के पास जाते हैं। वह बताते हैं कि आधे घंटे में वह पसीने से लथपथ हो जाते हैं, पीपीट किट की वजह से बेचैनी और घबराहट होने लगते लगती है लेकिन पानी तक नहीं पी सकते हैं।
एम्बुलेंस चालक राहुल यादव का कहना है कि पीपीई पहनकर इस भीषण में गर्मी काम करना मुश्किल है, लेकिन देश को कोरोना से बचाने में हम एक नहीं कई पीपीई किट पहनकर काम कर सकते हैं। उनका कहना है कि पीपीई किट की वजह से शरीर पसीने से हमेशा भीगा रहता है, इससे शरीर पर रैशेज पड़ रहे हैं।
ग्रेनो के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ. निशांत सिंह ने बताया कि गर्मी अपने चरम पर है, ऐसे में पीपीई किट पहन कर काम करना बेहद मुश्किल हो रहा है। सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। वॉर्ड में करीब 12 घंटे ड्यूटी कर रहे है। उनका कहना है कि इमरजेंसी में इसको पहन कर भागने में काफी दिक्कत होती है। पूरे कपड़े पसीने से भीग जाते हैं।
ग्रेनो के शारदा अस्पताल की नर्स मंजू लता ने बताया कि 6 से 7 घंटे की ड्यूटी में मन होने के बाद भी कुछ खा पी नहीं सकते हैं। किट पहनने के बाद घुटन महसूस होने लगती है। चश्मा पहनने से पसीना इकट्ठा हो जाता है जिससे जलन होती है। गर्मी की वजह शरीर की खाल भी छूटने लगती है और शरीर लाल भी पड़ जाता है।
पीपीई किट को पूरे प्रोटोकाल के साथ पहना और उतारना पड़ता है। इसमें पहनने में करीब 15 से 20 मिनट और उतारने में इससे ज्यादा वक्त लगता है। दो तरफ की किट होती है और उसमें कई लेयर होती है। किट के साथ-साथ मास्क, ग्ब्ल्स, हेड कवर, चश्मा, फेस शील्ड, गाउन, जूते आदि शामिल हैं। शरीर को पूरी तरफ से ढकने के लिए सभी चीजों को पहनना जरूरी है।