दाती महाराज पर केस दर्ज, मंदिर में लॉक डाउन के दौरान पूजा करवाई

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नई दिल्‍ली = बलात्कार का आरोप झेल  रहे शनि के भक्त कहे जाने वाले   बाबा दाती महाराज ने  मेहरौली के एक मंदिर में लॉकडाउन को ताक पर रखते हुए  ना सिर्फ पूजा करवाई। बल्कि सैकड़ों लोगों के लिए मंदिर के दरवाजे भी खोल दिए। आयोजन का वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। दिल्‍ली पुलिस ने आपदा प्रबंधन ऐक्‍ट और महामारी ऐक्‍ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मेहरौली के शनिधाम मंदिर में 22 मई को ‘शनि जयंती’ के मौके पर पूजा हुई। बताया जाता है यह पूजा दाती महाराज ने करवाई। जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, उनमें बच्‍चों से लेकर बूढ़ों तक को देखा जा सकता है। बहुतों के चेहरों पर मास्‍क भी नहीं था। यद्यपि अबहीं वीडिओज़ की प्रमाणकिता सिद्ध नहीं हुई है मगर दिल्‍ली पुलिस कह रही है कि प्रथमदृष्‍टया यही लगता है कि दाती महाराज ने अपराध किया है। लॉकडाउन की गाइडलाइंस तो टूटी ही हैं। साउथ दिल्‍ली के डीसीपी अतुल ठाकुर के मुताबिक, जांच की जा रही है।
दाती महाराज  पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 25 साल की महिला से रेप का आरोप है। दाती महाराज और अशोक, अर्जुन व अनिल के खिलाफ  सीबीआई  ने एफआईआर भी दर्ज कर रखी है। उनके फतेहपुर बेरी आश्रम में 9 जनवरी 2016 में यह कथित घटना हुई। दिल्ली पुलिस ने जून 2018 में दिल्ली की पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। बाद में दाती महाराज व अन्य पर चार्जशीट भी दाखिल की थी।
सीबीआई ने 4 मार्च को शनिधाम के संस्थापक दाती मदनलाल राजस्थानी के खिलाफ रेप मामले में अपनी छानबीन की फाइनल रिपोर्ट अदालत को सौंप दी थी। हाई कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2018 को इस केस में आगे की छानबीन का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था। पीड़िता की मांग पर यह आदेश दिया गया था, जिन्होंने तब मामले में क्राइम ब्रांच की जांच को लेकर कुछ सवाल उठाए थे। हालांकि, केस ट्रांसफर होता, इससे पहले ही क्राइम ब्रांच ने 1 अक्टूबर को अपनी चार्जशीट अदालत में दायर कर दी। इसमें दाती महाराज और उनके तीन भाइयों- अशोक, अनिल और अर्जुन पर रेप, अप्राकृतिक संबंध और धमकाने के आरोप लगाए गए। अदालत ने उसी साल 20 दिसंबर को इन आरोपों पर संज्ञान भी ले लिया।
अदालतों में सर्दियों की छुट्टी के दौरान ही ये चारों आरोपी नियमित जमानत लेने में कामयाब रहे। उन्हें मामले की जांच के दौरान भी कभी गिरफ्तार नहीं किया गया। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में दो महिला आश्रमकर्मियों- श्रद्धा पुरी उर्फ नीतू और मीना जोशी को भी आरोपी बनाया गया।