मध्य प्रदेश में उपचुनाव, प्रशांत किशोर के भरोसे रहेगी कांग्रेस

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भोपाल। =मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस  ने अपनी घेरेबंदी शुरू कर दी है। चुनावों की रणनीति बनाने के लिए प्रशांत किशोर  को पार्टी ने जोड़ा है। इसके साथ कांग्रेस अपने दिग्गज नेताओं को भी चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। जिन 24 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से अधिकांश चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में हैं जो ज्योतिरादित्य सिंधिया  का गढ़ है। सिंधिया-समर्थक विधायकों के इस्तीफे से ही ये सीटें खाली हुई हैं और अब उनका बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना तय है। कांग्रेस पार्टी इन नेताओं को उनके गढ़ में ही घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी उपचुनावों के लिए अपना वॉररूम भी भोपाल के बजाय ग्वालियर में बनाने जा रही है।
उपचुनावों में कांग्रेस के लिए रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर को सौंपी गई है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जीत के पीछे पीके ही रणनीतिकार थे। बिहार में नीतीश कुमार, आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की जीत के लिए भी उन्होंने ही रणनीति तैयार की थी। कांग्रेस उपचुनावों में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। प्रशांत किशोर को इसीलिए पार्टी ने फिर से अपने साथ जोड़ा है।
कांग्रेस सिंधिया-समर्थक नेताओं का विजयरथ रोकने के लिए कांग्रेस अपने दिग्गज नेताओं को चुनावी मैदान में उतार सकती है। इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व नेताओं से बात कर रहा है।
विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रह चुके अजय सिंह राहुल को सुरखी से चुनाव लड़ाया जा सकता है। सुरखी से सिंधिया-समर्थक और शिवराज कैबिनेट में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बीजेपी के उम्मीदवार होंगे। ठाकुरों की ज्यादा आबादी वाली इस सीट पर राहुल भैया और गोविंद सिंह के बीच तगड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। इसी तरह, सांवेर में मंत्री तुलसी सिलावट के खिलाफ प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। मंदसौर की सुवासरा सीट पर पूर्व कांग्रेस सांसद मीनाक्षी नटराजन का मुकाबला हरदीप सिंह डंग से हो सकता है। ग्वालियर में प्रद्युम्न सिंह तोमर के खिलाफ भी पार्टी दमदार ब्राह्मण चेहरे की तलाश कर रही है।