45 दिनों से फंसी है एक बारात

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बेगूसराय =  बेगूसराय में  कानपुर से आई एक बारात पिछले 45 दिनों से लॉकडाउन के चलते हुई है। हालात ये हो गए हैं कि दूल्हे पक्ष के लोगों के पास पैसे खत्म हो चुके हैं, वहीं लड़की पक्ष की भी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। उनकी हालत अब बारातियों को नकम-रोटी खिलाने की भी नहीं रह गई है।
 मामला बेगूसराय जिले के बलिया प्रखंड क्षेत्र के फतेहपुर गांव का है। यहां रहने वाली खुशबू खातून की शादी उत्तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाले 30 वर्षीय इम्तियाज के साथ तय हुई थी। 21 मार्च को शादी थी, जिसके लिए 20 मार्च को ही दूल्हा इम्तियाज, अपने माता-पिता समेत 10 परिजनों के साथ बेगूसराय के फतेहपुर गांव पहुंचे थे।
21 मार्च को शादी संपन्न हुई लेकिन 22 को वापसी वाले दिन जनता कर्फ्यू लग गया। जिसके बाद लॉकडाउन के कारण आवागमन बन्द हो गया, जिस वजह से दूल्हा समेत सभी बाराती यहीं पर फंस गए और गांव में ही रूके हुए हैं। इस बीच लड़के वालों के पास जब तक पैसे थे तो उन्हें परेशानी नहीं हुई लेकिन अब उनके पैसे खत्म हो गए हैं।कुछ दिनों तक लड़की वालों ने सभी बारातियों की खाने की खर्चा उठाया। हालांकि, अब लड़की पक्ष की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से अब बारातियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि अब बारातियों को नमक रोटी खिलाने पर भी आफत हो गई है। उनके पास पैसे नहीं हैं कि वो बारातियों के खाने की व्यवस्था कर सकें।बारात के फंसे होने पर स्थानीय मुखिया रमाकांत यादव ने थोड़ी मदद की है। वहीं दूल्हे की मां ने कहा कि अब रोजा तोड़ने में कठिनाई हो रही है नमक से रोजा तोड़ना पड़ता है। इस बीच गांव के मुखिया और बारातियों ने सरकार और जिला प्रशासन से बारात को लॉकडाउन में कानपुर भेजने की गुहार लगाई है।