कोटा से अपने छत्रो को वापस नहीं ला सकती नीतीश सरकार

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पटना कोरोना संक्रमण में  प्रधानमंत्री  की वीडियो कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  ने राजस्थान के कोटा में फंसे छात्र-छात्राओं की समस्या भी रखी। उन्हेंने कहा कि कुछ राज्य अपने छात्रों को वहां से निकाल ले गये हैं। कोटा में बिहार के भी कई-छात्र छात्राएं कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करते हैं, और लॉकडाउन की वजह से वहां फंसे हुए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  कहा कि बिहार की सरकार लॉकडाउनको लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गये गाइड लाइन का पालन कर रही है। जब तक लॉकडाउन के नियमों में संशोधन नहीं किया जाएगा तब-तक किसी को वापस बुलाना संभव नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार इसे लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि सिर्फ कोटा से ही नहीं, बल्कि देश के अन्य भाग से भी छात्र-छात्राओं को वापस ला सकें।
नीतीश कुमार  ने पीएम को बताया कि 14 अप्रेल के पहले बिहार में कोरोना संक्रमित लोगो की संख्या 66 थी जो आज बढ़कर कितनी हो गयी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार में 56 मरीज ठीक होकर घर भी जा चुके हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि बिहार में अबतक 75 लाख परिवारों के चार करोड़ से अधिक लोगो की स्क्रीनिंग भी की जा चुकी है। इसके अलावा पल्स पोलियों अभियान के तर्ज पर बिहार में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग भी कराया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के इस वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान जो बातें कही गयी है, उससे तीन मई के बाद भी लॉकडाउन  बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बताया गया कि प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए 2 गज की दूरी बनाए रखने पर जोर दिया है। साथ ही राज्यों में कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के साथ ग्रीन जोन को सेफ रखने की बात भी कही गई है।