गंगोत्री धाम के कपाट  वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए

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उत्तरकाशी = उत्तरकाशी  में स्थित  गंगोत्री धाम के कपाट  वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कपाट के खुलने के दौरान सभी लोगों ने मुंह पर मास्क भी लगाया था। बताया गया कि रोहिणी अमृत योग की शुभ वेला पर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर मंदिर के कपाट खोले गए। बीते दिनों मां गंगा की डोली उनके मायके और शीतकालीन प्रवास मुखबा से भैरो घाटी के लिए रवाना हुई थी। भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद मां गंगा की डोली आज सुबह 7 बजे गंगोत्री के लिए रवाना हुई। जहां गंगा पूजन, गंगा सहस्रनाम पाठ और विशेष पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान के साथ गंगा की भोग मूर्ति को मंदिर के भीतर विराजमान कराया गया। दूसरी तरफ यमुनोत्री घाटी स्थित यमुनोत्री मंदिर धाम के कपाट भी सादगीपूर्ण ढंग से खोल दिए गए।
मां यमुना की डोली रविवार सुबह 8.15 बजे खरसाली मठ से यमुनोत्री धाम के लिए विदा हुई। यमुनोत्री धाम पहुंचने के बाद विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ तय मुहूर्त 12 बजकर 41 मिनट पर मंदिर के कपाट सादगीपूर्ण ढंग से दर्शनार्थ खोल दिए गए। सीमित संख्या में ही तीर्थ-पुरोहित इस दौरान कपाट उद्घाटन में प्रतिभाग कर सके। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें यमुनोत्री एवं गंगोत्री में मौजूद रहीं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार समस्त नियमों का अनुपालन कराया गया है तथा आगे भी यह समस्त नियम प्रभावी रहेंगे। कोविड 19 और लॉकडाउन के चलते दोनों धामों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी के नेतृत्व में मेडिकल टीम द्वारा कपाटोद्घाटन में शामिल सभी तीर्थ पुरोहितों का मेडिकल परीक्षण किया गया। साथ ही मौके पर सेनेटाइजर, मास्क आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई।