टैरर फंडिंग के मामले में हाफिज सईद को 5 साल की सजा

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लाहौर = 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिंग केस में दोषी साबित किया गया है। लाहौर की ऐंटी टेरर कोर्ट लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। हाफिज के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं। हाफिज पर यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाक एफएटीएफ की काली सूची में शामिल किया जाता है तो उसकी डूब रही अर्थव्यवस्था को उबारना और भी मुश्किल हो जाएगा।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा तक में समय-समय पर पाक में पल रहे आतंक की बात पूरे जोर-शोर से उठाई है। इसमें अमेरिका का भी पूरा साथ मिलता रहा है जिसने हाल ही में जमात-उद-दावा चीफ हाफिज के खिलाफ मुकदमा तेज करने की अपील की थी। दिसंबर में हाफिज और उसके तीन करीबी सहयोगियों- हाफिज अब्दुल सलाम बिन मुहम्मद, मुहम्मद अशरफ और जफर इकबाल के खिलाफ आरोप तय किए गए थे जिसका अमेरिका ने स्वागत किया था।
गौरतलब है कि आतंकवाद को मुहैया कराए जाने वाले धन की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे सूची में डाल दिया है और उसपर काली सूची में जाने का खतरा मंडरा रहा था। उसे चेतावनी दी गई थी कि यदि फरवरी तक आतंकवाद के वित्तपोषण पर नियंत्रण नहीं किया जाता है तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। उसके बाद से ही पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने हाफिज की नकेल कसने शुरू की थी। हालांकि, हाल ही में एफएटीएप ने पाक को बड़ी राहत देते हुए आतंकी समूहों पर कार्रवाई के लिए उसकी ओर से किए गए प्रयासों पर संतोष जताया है। ऐसे में संभावना है कि पाकिस्तान अगले महीने ग्रे लिस्ट से बाहर आ सकता है।