धारा 370 हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक

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नई दिल्ली = जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटाने के खिलाफ नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने शीर्ष न्यायालय में याचिका दाखिल कर राष्ट्रपति के आदेश को असंवैधानिक और अमान्य करार देने की मांग की है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली पार्टी ने सूबे के पुनर्गठन के ऐक्ट को भी असंवैधानिक घोषित करने का फैसला लिया है।
नैशनल कॉन्फ्रेंस ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सूबे के नागरिकों की राय को जाने बिना ही यह फैसला ले लिया है। मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी लोकसभा में नैशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद भी हैं। इससे पहले लोन जम्मू-कश्मीर की विधानसभा के स्पीकर भी रहे हैं। मसूदी जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के पूर्व जज हैं, जिनकी बेंच ने अपने एक फैसले में आर्टिकल 370 को संविधान का अस्थायी हिस्सा बताया था।
नैशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों ने अपनी याचिका में कहा कि आर्टिकल 370 को हटाने का राष्ट्रपति का आदेश और सूबे के पुनर्गठन का विधेयक मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करता है। सांसदों ने अपनी अर्जी में कहा कि यह आदेश और विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 में वर्णित अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
सांसदों ने शीर्ष अदालत से अपनी अर्जी में मांग की है कि वह इस बात का परीक्षण करे कि क्या केंद्र सरकार राष्ट्रपति की आड़ में राज्य की राय लिए बिना ही गलत फैसला नहीं लिया है। नैशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र सरकार के फैसले को संघीय ढांचे का उल्लंघन करार दिया है।