अब वन नेशन वन राशन कार्ड

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नई दिल्ली =सरकार ने अब ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के पायलट प्रॉजेक्ट लॉन्च कर दिया है। आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और गुजरात, महाराष्ट्र के बीच कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा का केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने उद्घाटन किया। पायलट प्रॉजेक्ट के सफल रहने पर इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत राशन कार्ड पूरे देश में मान्य हो जाएंगे।
सरकार को उम्मीद है कि इससे ना केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा, बल्कि रोजगार या अन्य वजहों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले गरीबों को सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं होना पड़ेगा। इस बदलाव से एक से अधिक कार्ड रखने की संभावना भी खत्म हो जाएगी।
प्रवासी मजदूरों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने का दावा करते हुए पिछले दिनों रामविलास पासवान ने कहा, ‘उन्हें पूर्ण खाद्य सुरक्षा मिलेगी। इससे लाभार्थियों को आजादी मिलेगी, क्योंकि वे एक राशन दूकान दुकान से बंधे नहीं होंगे। यह भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगाएगा।’
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए खाद्य मंत्रालय सभी कार्ड्स का एक केंद्रीय डेटाबेस तैयार करेगा, जो डुब्लीकेट कार्ड्स को हटाने में मददगार होगा। उल्लेखनीय है की मशहूर अंगरेजी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया ने सबसे पहले यह खबर दी थी कि केंद्र सरकार राशन कार्ड्स का रियल टाइम ऑनलाइन डेटाबेस (इंटिग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस तैयार करने की प्लानिंग कर रही है।
खाद्य मंत्रालय ने कहा किआंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में ये योजना पहले से लागू है, जहां कोई भी लाभार्थी अपने हिस्से का राशन किसी भी जिले से प्राप्त कर सकता है। केंद्र गरीबों के हित में इसे सभी राज्यों से लागू करने की अपील की है।