हेराल्ड बिल्डिंग खाली कराने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

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नई दिल्ली =सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को दिल्ली स्थित हेरल्ड हाउस बिल्डिंग को खाली करने का आदेश दिया था। ये ही कंपनी कांग्रेस के मुखपत्र नैशनल हेरल्ड का प्रकाशन करती है। रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने कीएसोसिएट जनरल्स याचिका पर केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय को भी नोटिस जारी किया है। केंद्र से 4 हफ्तों में अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। कंपनी ने पहले हाई कोर्ट में याचिका देकर मांग की गई थी कि केंद्र को राष्ट्रीय राजधानी के बेहद महत्वपूर्ण आईटीओ इलाके में स्थित हेरल्ड हाउस को खाली कराने के लिए कोई ‘कठोर कदम’ से रोका जाए। हाई कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी।
कंपनी ने ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार के 30 अक्टूबर 2018 के उस फैसले को भी रद्द करने की मांग की है, जिसमें केंद्र ने हेरल्ड हाउस के 56 साल पुराने लीज को रद्द करते हुए परिसर को खाली करने को कहा था। केंद्र ने व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए हेरल्ड हाउस के इस्तेमाल की वजह से उसके लीज को रद्द किया। हेरल्ड हाउस को प्रिंटिंग के काम के लिए लीज पर दिया गया था।
बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में नैशनल हेरल्ड मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में स्वामी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और अन्य ने साजिश के तहत 50 लाख रुपये का भुगतान कर धोखाधड़ी की।