पंद्रह अगस्त से तीन महीने में ग्राम सभाए अनिवार्य होंगी

0
229

भोपाल – स्वतंत्रता दिवस से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के अंतर्गत शामिल गाँवों में क्रमबद्ध रूप से विशेष ग्राम सभाएँ होगी। राज्य शासन ने इस बारे में सभी जिला कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश भेजे हैं। मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक त्रैमास में ग्राम सभा का आयोजन किया जाना अनिवार्य है। इसी सिलसिले में 15 अगस्त 2013 से सम्पूर्ण प्रदेश में विशेष ग्राम सभाओं का क्रमबद्ध आयोजन शुरू होगा। ग्राम सभा की सूचना ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पटल और पंचायत क्षेत्र के मुख्य सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा करने के निर्देश दिये गये हैं। ग्राम सभा के आयोजन की सूचना ग्रामवासियों को देने के लिये पंचायत क्षेत्र के सभी गाँव में मुनादी भी करवाई जायेगी।
सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग डॉ0 राजेश राजोरा ने बताया कि इस बार ग्राम सभा में 10 महत्वपूर्ण बिन्दु पर चर्चा होगी। बैठकों में ग्राम सभा की पूर्व बैठक के निर्णयों पर हुई कार्यवाही का ब्यौरा रखा जायेगा। इसके साथ ही पंच-परमेश्वर योजना में ग्राम पंचायत को मिली राशि के उपयोग और योजना की प्रगति पर चर्चा होगी। पंचायत सशक्तिकरण एवं जवाबदेही प्रोत्साहन पुरस्कार योजना वर्ष 2013-14 के लिये प्रस्ताव भेजे जाने के संबध में भी ग्राम सभा में बातचीत होगी।
इस बार ग्राम सभा में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, निर्मल भारत अभियान (मर्यादा अभियान), मनरेगा अंतर्गत सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट में शामिल नये कार्यों का ग्रामवासियों के समक्ष वाचन और अनुमोदन होगा और जॉब कार्ड एवं रोजगार की मॉग के बारे में चर्चा कर अनुमोदन किया जायेगा। मनरेगा में 1 अप्रैल 2013 से प्रभावशील नई मजदूरी दर का वाचन किया जायेगा। एक अप्रैल 2013 से 15 अगस्त 2013 तक हुए मनरेगा कार्यों के ई-मस्टर रोल की संख्या और विवरण का अनुमोदन होगा। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को मनरेगा की मजदूरी के भुगतान की नई प्रक्रिया (ईएफएमएस) की जानकारी दी जायेगी। सामाजिक अंकेक्षण, जल संवर्धन और सामाजिक विषयों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी व्यापक चर्चा होगी।