फिल्म इंडस्ट्री के दोगलेपन से दुखी है मधुर भंडारकर

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मुंबई = गोवा में चल रहे भारत के 48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पहुंचे निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने कहा कि वह ‘पद्मावती’ विवाद में संजय लीला भंसाली के साथ खुलकर खड़े हैं, यह अलग बात है कि उनकी फिल्म ‘इंदू सरकार’ के दौरान संजय लीला भंसाली और फिल्म इंडस्ट्री से कोई भी उनके साथ नहीं खड़ा हुआ था।
‘पद्मावती’ विवाद को निपटाने के लिए मधुर भंडारकर ने सुझाव देते हुए कहा, ‘वैसे तो फिल्म का विवाद देश के सेंसर बोर्ड में फिल्म पास होने के बाद खत्म हो जाना चाहिए, लेकिन यदि संजय लीला भंसाली चाहें तो ‘पद्मावती’ के सेंसरशिप के दौरान विरोध में उतरे दलों राजपूत करणी सेना और राजपूत समाज के अधिकारियों अथवा मुख्य लोगों को सेंसर सदस्यों की सूची में शामिल करवा कर अपनी फिल्म दिखा सकते हैं।’
नवभारत्तीमेंस डॉट कॉम से बातचीत में प्रसून जोशी के बारे में मधुर ने कहा, ‘प्रसून जोशी की देख-रेख में फिल्म के सेंसर होने में मुझे बहुत ज्यादा विश्वास है। प्रसून फिल्म इंडस्ट्री के हैं। वह फिल्म और रचनात्मक चीजों को अच्छी तरह समझते, बूझते और जानते हैं, साथ ही प्रसून बेहद जिम्मेदार भी हैं।’
मधुर कहते हैं, ‘जब भी हम किसी की असल जिंदगी या इतिहास के विषय में फिल्म बनाते हैं, इस तरह के विवाद और परेशानी जरूर होगी। ‘इंदू सरकार’ के दौरान मुझे सेंसर बोर्ड में तमाम कट दिए और कहा कि आप यह फिल्म शुरू होने से पहले यह मेसेज दें कि यह एक काल्पनिक फिल्म है। अब क्योंकि मेरी फिल्म की रिलीज़ डेट एकदम करीब थी, मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं था, इसलिए मैंने अपनी फिल्म के शुरू होने से पहले लम्बा-चौड़ा सन्देश लिखा था कि यह काल्पनिक फिल्म है।’
मधुर भंडारकर ने कहा, ‘फिल्मों को लेकर जो विवाद होते हैं वह कोई नई बात नहीं है। हर फिल्म का अलग-अलग विवाद होता है। आजकल तो ऐसा है कि जैसे ही कोई फिल्म बनती है वैसे ही कोई न कोई आ ही जाता है, जिसको फिल्म की कहानी से समस्या होती है। मैं तो चाहता हूं और पूरा सपॉर्ट करता हूं कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ अच्छी तरह रिलीज़ हो जाए। यहां पर मैं एक बात यह भी कहना चाहूंगा कि जब मेरी फिल्म ‘इंदू सरकार’ को लेकर कई राजनितिक पार्टियां और लोग विरोध कर रहे थे तब हमारी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का कोई भी व्यक्ति मुझे सपॉर्ट करने बिल्कुल भी नहीं आया था।’
मधुर कहते हैं, ‘इंदू सरकार के समय मैंने कई लोगों को कहा कि मेरे और फिल्म के विरोध और विवाद के दौरान वह खुलकर मेरा सपॉर्ट करें। कुछ नहीं तो सिर्फ 140 शब्दों का ट्वीट कर दें… लेकिन उस समय कोई खुलकर सामने नहीं आया। कुछ-एक लोगों ने मुझे कहा हम तेरे साथ हैं मधुर, लेकिन वह भी खुलकर मेरे साथ नहीं खड़े हुए। लोगों को राजनितिक दलों का डर था। मैं भंसाली के साथ खड़ा हूं, लेकिन मेरे साथ वह नहीं खड़े हुए थे। मैं हताश, परेशान और बेहाल हो गया था। नागपुर और कई शहरों में राजनितिक दलों ने मेरी फिल्म के प्रेस कॉन्फ्रेंस रुकवा दिए थे।’
देश के बाहर ब्रिटेन में ‘पद्मावती’ को बिना किसी कट के पास कर दिया गया है। ब्रिटिश सेंसर बोर्ड ने दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म को 12A ऑडियंस के लिए (12 साल और उससे ऊपर की उम्र के बच्चे, वयस्क के साथ देख सकते हैं) पास कर दिया है। इस पर मधुर ने कहा, ‘यदि ब्रिटेन में फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज़ हो जाती है तो भंसाली को इस बात का बेहद ध्यान रखना होगा कि फिल्म किसी भी हालत में लीक न हो, अगर ‘पद्मावती’ लीक हो गई तो पायरेसी के इस अपराध में फिल्म का बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा।’
मधुर ने जाते-जाते कहा, ‘फिल्म इंडस्ट्री में लोगों के बीच एकता की भावना नहीं है। किसी खास व्यक्ति, बड़े बैनर और बड़ा नाम देखकर हमारी फिल्म इंडस्ट्री के लोग उसके साथ खड़े होते हैं। संजय लीला भंसाली, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर और ‘पद्मावती’ अपने आप में इतने बड़े हैं, इस वजह से पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लोग एक साथ आगे आए हैं। मेरी फिल्म और मेरी फिल्म के कलाकार उतने बड़े नहीं थे इस लिए मेरे साथ कोई खड़ा नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री के इस दोगलेपन को देखकर मुझे बहुत दुःख होता है।’