खेतों में हनी सिंह के गाने बजा भगाए जा रहे जंगली सुअर

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, नैनीताल -नैनीताल के खेतों में जंगली सुअरों का आतंक फैला हुआ है। राज्य सरकार को उन्हें मारने का आदेश तक जारी करना पड़ा है। लेकिन लाख जतन के बाद भी सुअरों से मुक्ति नहीं मिलती देख किसानों ने एक यूनीक उपाय खोज निकाला है। अब उनकी मदद हनी सिंह के गाने कर रहे हैं। सुनने में थोड़ा अटपटा लग रहा होगा लेकिन ये सच है। किसानों का ये उपाय काम में आ रहा है। किसान लाउडस्पीकर लगाकर हनी सिंह समेत दूसरा पंजाबी गायकों के गाने फुल साउंड में चला रहे हैं। इन गानों से न केवल जंगली सुअर बल्कि दूसरे जानवर भी उनके खेतों से दूर भाग रहे हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की कबर के मुताबिक नैनीताल के धारी गांव के किसान बिशान जंतवाल इस उपाय का सफल इस्तेमाल कर भी चुके हैं। उन्होंने अपनी टमाटर की खेती को बचाने के लिए खेतों के पास लाउडस्पीकर लगवाए हैं। वे बताते हैं, ‘मैंने अपने बुजुर्गों से सुन रखा था कि जहां मनुष्य रहते हैं, जंगली जानवर वहां फटकने से परहेज करते हैं। मैंने सोचा कि म्यूजिक बजेगा तो जानवरों को भ्रम होगा कि आसपास मनुष्य हैं। ये काम कर गया।’ इसके बाद आसपास के दूसरे गांवों के लोगों ने भी इस आइडिया को अपनाया। कुछ ही समय में पूरे क्षेत्र में ये आइडिया चर्चा का विषय बन गया।
इस नए उपाय पर अक्टूबर से काम शुरू हुआ। खास बात यह है कि इसमें सरकार के अन्य दूसरे उपायों जैसे शेर या दूसरे जंगली जानवरों की रिकॉर्डेड आवाज सुनाना, की तुलना में पैसे भी कम खर्च हो रहे हैं। लेकिन इन सबमें महत्वपूर्ण बात यह भी है कि पड़ोसी भी दिनभर नए ट्रैक सुनने के बाद किसी तरह की शिकायत नहीं कर रहे हैं। जंतवाल बताते हैं कि हाई म्यूजिकल नोट्स और लाउड बीट्स वाले पार्टी सॉन्ग के अलावा हम भजन भी बजा रहे हैं। इसका भी जंगली सुअरों समेत दूसरे जानवरों जैसे सियार, नीलगाय और दूसरों पर अच्छा खासा असर पड़ रहा है।
इस इलाके में जंगली जानवरों का आतंक किस कदर है इसकी बानगी पिछले साल देखने को मिली। जानवरों ने आलू, टमाटर और गेहूं की खेती को इतना नुकसान पहुंचाया कि यहां के कई किसान दिवालिया हो गए। इनसे बचने के लिए ढेरों उपाय अपनाए गए। 24 घंटे खेतों की निगरानी, टीन-एल्युमिनियम के बर्तनों को पीटकर कोशिश की गई कि जानवर खेतों से दूर रहें। लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद फॉरेस्ट और कृषि विभाग तके अफसरों ने शेरों और दूसरे जानवरों की रिकॉर्डेड आवाज बजाने का उपाय सुझाया। लेकिन सब बेकार रहा है। जंगली सुअरों पर किसी चीज का कोई फर्क नहीं पड़ा।
नैनीताल के ताड़ीखेत ब्लॉक के एक दूसरे किसान संग्राम बिष्ट का कहना है कि गानों का यह आइडिया पूरे इलाके में हिट हो गया है। हम किसान बिशान जंतवाल के शुक्रगुजार हैं कि इन्होंने ये आइडिया हमारे साथ शेयर किया।