हमारे पड़ोसी ही हमारे दुश्मन – भागवत

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नासिक – आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि पड़ोसी देशों के दुश्मनी भरे व्यवहार के कारण भारत की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है। इस दौरान उन्होंने किसी भी देश का नाम तो नहीं लिया पर ये जरूर कहा कहा कि भारत का विकास मानवता को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है हालांकि इससे वैश्विक समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता है क्योंकि देश पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर ऐसे देशों से घिरा हुआ है जो दोस्त नहीं हैं और सुरक्षा को खतरा पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तीन युद्ध के बाद भी पड़ोसी देशों का दुश्मनी से भरा रवैया बरकरार है। देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि जाली मुद्रा, हथियार, आतंकवादियों की घुसपैठ जारी है।
भागवत ने सवाल किया, ‘एक तरफ हम आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना देख रहे हैं, वहीं आम लोग महंगाई से प्रभावित है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं और देश सूखे से प्रभावित है। ऐसी स्थिति में विकास कहां हो रहा है?’
उन्होंने कहा कि इसके लिए मतदाता भी जिम्मेदारी है। जाति, क्षेत्र, भाषा, पानी, सीमाओं पर देश के भीतर संघर्ष हो रहे हैं और प्रतिदिन बलात्कार के मामले सामने आ रहे हैं। हम इन मुद्दों पर चर्चा करते हैं लेकिन इसका समाधान निकालने का प्रयास नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा कि आरएसएस का आधार मजबूत है। हम किसी का विरोध नहीं करते हैं और कोई हमारा दुश्मन नहीं है लेकिन हमें समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन, किसी में हमें समाप्त करने की शक्ति नहीं है।