गडकरी ने लिखी सोनिया को तीखी चिट्ठी

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नई दिल्ली -केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भूमि अधिग्रहण बिल पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को बेहद तीखी चिट्ठी लिखकर उनके द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दिए हैं।
गडकरी ने इस चिट्ठी में यूपीए सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून की खामियों को एक-एक कर गिनाते हुए कांग्रेस पर खूब कटाक्ष किए हैं। चिट्ठी में विपक्ष को राजनीति के बजाय देशहित को ध्यान में रखने की नसीहत भी दी गई है।
गडकरी ने लिखा है कि कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार देश को पिछड़ा बनाकर राजनीति करना चाहता थी। यूपीए के बनाए भूमि अधिग्रहण कानून से विकास के लिए कोई अधिग्रहण नहीं हो सका, जिससे विकास की कई परियोजनाएं लटक गईं।
चिट्ठी कोयला घोटाले की तरफ इशारा करते हुए लिखा गया है कि किस तरह यूपीए सरकार ने कोयले की खानें लुटाईं। पढ़िए क्या-क्या लिखा गया है इस चिट्ठी में…
1-यूपीए के कानून में सेक्शन 105 के तहत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन से सभी बड़े भूमि अधिग्रहमों को छूट क्यों दे दी गई? कोयला, खदान आदि अधिनियमों में क्या सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन की जरूरत नहीं होती है?
2-निजी कंपनियों के लिए यूपीए सरकार ने कई बड़े भूमि अधिग्रहण किए। कोयले से भरी जमीनें कौड़ियों के भाव निजी कंपनियों को दी गईं। इसमें कांग्रेस के नेता भी शामिल थे।
3-पांच साल में जमीन वापसी के प्रावधन की आपने बात की है। आपकी महाराष्ट्र, हरियाणा और असम की सरकारों ने अनुरोध किया था कि इससे सिंचाई परियोजनाएं लटक जाएंगी, क्योंकि इसमें 5 साल से ज्यादा वक्त लगता है।
4-पिछले 10 साल में यूपीए सरकार की तैयार की गई विकास की रूपरेखा ने इस देश को पिछड़ा बनाए रखा।
5-जिनके वोट पाने की उम्मीद में आपने सब्सिडी कार्यक्रम तैयार किया था, वे किसान-ग्रामीण युवा रोजगार से वंचित हो गए।