भारत में नेताओ पर भरोसा बढ़ा – सर्वे रिपोर्ट

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नई दिल्ली -सरकारी दफ्तरों में पक्षपात को लेकर भारत की रैंकिंग में जबर्दस्त सुधार हुआ है। भारत 94वें नंबर से उछलकर 49वें नंबर पर आ गया है। हालांकि चीन से वह अभी भी काफी पीछे है। नेताओं पर जनता के भरोसे के मामले में भी भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है। वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने एक स्टडी के आधार पर यह रैंकिंग जारी की है। इस स्टडी में कहा गया है कि सरकारी धन के गलत इस्तेमाल और रिश्वत जैसे मानकों पर भी भारत की स्थिति बेहतर हुई है।चीन की रैंकिंग में 7 स्थानों का सुधार हुआ है और वह 22वें नंबर पर है। इस साल पहले नंबर पर कतर रहा है। उसने सिंगापुर से यह जगह छीन ली है। और सबसे आखिरी पायदान पर दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस साल भी बना हुआ है।
राजनीतिज्ञों पर भरोसे के मामले में भी भारत की रैंकिंग में गजब का सुधार हुआ है। पिछले साल 115वें नंबर पर रहे भारत को इस साल 50वां रैंक हासिल हुआ है। सिंगापुर पहले नंबर पर है। लेकिन, रिश्वत लेने-देने के मामले में भारत की रैंकिंग ज्यादा नहीं सुधरी है। वह 93वें नंबर पर है। पिछले साल उसका रैंक 110 था।
एक सर्वे के जरिए यह पता लगाया गया कि सरकारी अधिकारी नीतियां बनाते वक्त और ठेके देते वक्त प्रभावशाली कंपनियों के लिए कितना पक्षपात करते हैं। इस सर्वे के आधार पर विभिन्न देशों को यह रैंकिंग दी गई है। दुनिया की पांच बड़ी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में शामिल ब्रिक्स देशों में भारत की रैंकिंग चीन को छोड़कर बाकी तीनों से बेहतर है। रूस 87वें नंबर पर है। दक्षिण अफ्रीका की रैंकिंग 104 है जबकि ब्राजील 108वें नंबर पर है।
भारत की रैंकिंग सालाना ग्लोबल कॉम्पटिटिवनेस रिपोर्ट में शामिल मॉरिशस, स्पेन, इस्राएल, थाईलैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे कई देशों से भी बेहतर है। कतर के बाद दूसरे नंबर पर न्यू जीलैंड है। उसके बाद सिंगापुर, फिनलैंड, यूएई, नीदरलैंड्स, जापान, नॉर्वे, स्वीडन और स्विट्जरलैंड टॉप 10 में हैं। युनाइेट किंगडम 17वें नंबर पर है जबकि अमेरिका की रैंकिंग भारत से कुछ ही बेहतर है। वह 47वें नंबर पर है।
इस लिस्ट के आधार पर वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने सभी देशों को 1 से 7 के बीच स्केल पर रखा है। जो 1 नंबर पर हैं वहां हमेशा पक्षपात होता है, जबकि 7 के स्केल पर वे दश हैं जहां पक्षपात कतई नहीं होता। इस स्केल पर भारत का स्कोर 3.4 है जबकि कतर का स्कोर 5.6 है। पिछले साल भारत का स्कोर 2.79 था।