नगमा ने माँगी अतिरिक्त सुरक्षा

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दिल्ली -अपने चुनाव प्रचार के दौरान बदसलूकी की कई घटनाओं के मद्देनजर मेरठ से कांग्रेस प्रत्याशी नगमा ने पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। नगमा ने एक इंटरव्यू में कहा,’मुझे अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा चाहिए, क्योंकि यहां भीड़ में काफी परेशानी हो रही है। मेरे पास निजी सुरक्षा है और वे मेरा ख्याल रख सकते हैं, लेकिन भीड़ को नियंत्रित कौन करेगा। चुनाव अभियान के दौरान भारी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं और यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो कौन जिम्मेदार होगा। जेब कटने और मोबाइल चोरी होने की भी काफी घटनाएं हो रही हैं।’
मेरठ में आए दिन नगमा को ऐसे हालात का सामना करना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह एक चुनावी रैली के दौरान बेहद करीब आने की कोशिश करने वाले एक युवक को उन्हें थप्पड़ जड़ना पडा था। उस घटना के बारे में पूछने पर नगमा ने कहा कि यह उन्हें भगाने पर आमादा विरोधियों की चाल हो सकती है। उन्होंने कहा,’वह बैठक रात को थी और शाम के बाद कई इलाकों में लोग नशे में धुत होते हैं। यहां दिन में भी अपराध का ग्राफ उंचा है और यह देखना भी जरूरी है कि रैली किस इलाके में थी। वह मेरे विरोधी प्रत्याशी का गढ़ है और हो सकता है कि वह बैठक में बाधा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हों। कुर्सियां तोड़ना, मुझे धक्का देना या जबरन छूने की कोशिश करना, ताकि मैं बोल ना सकूं।’
नगमा का सामना बीजेपी के मौजूदा सांसद राजेंद्र अग्रवाल और एसपी के शाहिद मंजूर से है। यह पूछने पर कि क्या सिलेब्रिटी होने का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, उन्होंने ना में जवाब दिया। नगमा ने कहा,’हर कोई वैसा नहीं है। मुझे लोगों का प्यार भी मिल रहा है।’
स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उन्हें सहयोग मिल रहा है, नगमा ने कहा,’फिलहाल मैं सिर्फ लोगों से मिल रही हूं। मेरे पास यह सोचने का समय नहीं है कि कौन मेरे साथ है और कौन नहीं।’ बाहरी उम्मीदवार होने के आरोप पर उन्होंने कहा,’यदि मैं मेरठ में बाहर उम्मीदवार हूं तो नरेंद्र मोदी वाराणसी में, सुषमा स्वराज विदिशा में और एल. के. आडवाणी गांधीनगर में क्या हैं।’ उन्होंने मोदी लहर को खारिज करते हुए कहा कि एनडीए का योगदान देश के लिए सिफर रहा है।
बीजेपी एक डूबता जहाज है और उन्हें लगा कि इन हालात में मोदी ही पार लगा सकते हैं जो कट्टरपंथी हैं लेकिन भारत में कट्टरवाद चलता नहीं है।’ मेरठ के लिए अपनी प्राथमिकताओं के बारे में उन्होंने कहा ,’हाई कोर्ट की बेंच का मामला लंबे समय से चल रहा है। इसके अलावा मैं खेल उद्योग के विकास और शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने पर काम करूंगी।’
अपने अभिनय करियर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,’मुझे 2004 और 2009 में भी चुनाव लड़ने की पेशकश की गई थी, लेकिन मैं ऐक्टिंग में व्यस्त थी। इस बार मैंने सोच समझकर चुनावी राजनीति में उतरने का फैसला किया है क्योंकि मेरी प्राथमिकताएं बदल गई हैं।