तीसरे मोर्चे की कवायद शुरू ग्यारह दलों ने एक गुट बनाया

0
17

नई दिल्ली – आगामी लोकसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे का गठन हो ही जाएगा बुधवार को गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई 11 दलों ने औपचारिक तौर पर एक गुट बनाकर थर्ड फ्रंट के गठन की ओर संकेत किया।
केंद्र में जन समर्थक, गैर सांप्रदायिक और संघीय सरकार के एजेंडे के आधार पर थर्ड फ्रंट के गठन की कवायद तेज हो गई है। 11 दलों के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में औपचारिक तौर पर एक नए गुट के गठन की घोषणा की गई।
नए गुट में शामिल दलों में चार वामपंथी पार्टियां, समाजवादी पार्टी, जदयू, एआईडीएमके, एजीपी, झारखंड विकास मोर्चा, जद(एस) और बीजेडी शामिल हैं। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और जदयू अध्यक्ष शरद यादव के मुताबिक तीसरे मोर्चे के गठन की दिशा में यह पहला कदम है।
क्या ये थर्ड फ्रंट हैं? इसके जवाब में येचुरी ने कहा कि फिलहाल इस गुट का गठन संसद में जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए किया गया है। लेकिन इतना स्वीकार किया कि विभिन्न दलों के लोग यहां एक साथ बैठे हैं और कहा जा सकता है कि एक साथ हैं।
सरकार की ओर से भ्रष्टाचार विरोधी छह बिलों को पास कराने की कवायद के सवाल पर उन्होंने बताया कि 11 दलों का यह गुट सरकार को कोई भी बिल जल्दबाजी में पास नहीं करने देगा। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार आगामी चुनाव के मद्देनजर कानून के जरिए अपना प्रचार कर सकती है।
इन दलों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में एचडी देवगौड़ा, एम थंबीदुरई, बसुदेब अचारिया,केसी त्यागी,जय पांडा, बिरेन बैश्य, डी राजा, मनोहर टिर्की, बरुण मुखर्जी और रामगोपाल यादव मौजूद थे।