`युवा` के साथ `नोटा` पर राजनितिक दलों की नजर!

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रायपुर (वीएनएस) / छत्तीसगढ़ में इस बार के विधानसभा चूनाव में युवा मतदाता नया इतिहास लिखने की तैय्यारी में हैं. नए नामों को जोड़ने का काम अभी भी जारी हैं. वहीँ इस बार भारत निर्वाचन आयोग ने ईवीएम में ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा ) का बटन भी लगाने का निर्देश दिया है. इसके बाद यह चूनाव और भी दिलचस्प हो गया हैं.
बताया जाता हैं की आगामी 11, 19 नवम्बर को प्रदेश के करीब 13 लाख युवा मतदाता छत्तीसगढ़ की नई इबारत लिखेंगे. जिसमें सात लाख युवक एवं छह लाख युवतियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. प्रदेश में कुल 1 करोड़ 67 लाख 84 हजार 574 से ज्यादा मतदाता हैं. नये नाम 24 अक्टूबर तक और जोड़े जा सकते हैं. 2008 के विधानसभा चुनाव में 70.51 फीसदी मतदान हुआ था तथा भाजपा को 43 लाख 33 हजार 934 मत अर्थात 40.33 फीसदी मत हासिल कर सरकार बनायी थी. जबकि कांग्रेस को 41 लाख 50 हजार 377 मत अर्थात 38.63 फीसदी मत मिले और भाजपा से वह डेढ़ फीसदी मतों से पिछड़कर लगातार दूसरी बार सत्ता से बाहर हो गयी. कांग्रेस लगातार सत्ता के लिए हाथ पाँव मार रही हैं.
दस साल से सत्ता से दूर कांग्रेस की भी नज़र युवा मतदाताओं पर हैं. पिछली बार की तरह इस बार भी आम चुनाव में नए मतदाताओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी. मौजूदा राजनीतिक हालात में प्रदेश के युवा सत्ताधारी दल भाजपा से कुछ छिटके हुए नजर आ रहे हैं. भाजपा युवा मोर्चा के अलावा उसके सहयोगी युवा संगठन भी कोई खास सक्रिय नहीं है न ही युवाआें में संगठन का कोई खास पकड़ है. वे अपने ही मंत्रियों, सरकार से नाराज हैं. इसके विपरीत कांग्रेस का युवा संगठन काफी सक्रिय रहा. इसके पीछे प्रमुख कारण कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का संगठन चुनाव फार्मूला बताया जाता है जिस कारण भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन से सम्बद्ध युवाआें के अलावा युकां के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े. इस कारण कांग्रेस की युवाओं में जबरदस्त पकड़ है, हो सकता है ये युवा कांग्रेस के विभिन्न धड़ों से सम्बद्ध है लेकिन वे कांग्रेस के लिये प्रतिबद्ध है. युवा मतदाताओं से कांग्रेस को काफी उम्मीदें हैं.
वहीँ दूसरी ओर युवा मतदाताआें की रूचि भारत निर्वाचन आयोग के ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा ) के बटन पर भी है. जिन युवाओं को कोई भी दावेदार पसंद नहीं है वे नोटा का बटन दबाने से भी नहीं हिचकेंगे. वैसे युवाओं का झुकाव अब पार्टियों की ओर कम उनके प्रत्याशियों की ओर ज्यादा है. वे प्रत्याशियों की क्षमता का आंकलन करने से पीछे नहीं हटते. युवा मतदाता प्रदेश का राजनीतिक समीकरण बदलने का माद्दा रखते हैं. बस्तर में युवा मतदाताओं की संख्या 1 लाख 18 हजार 791 से ज्यादा है. इनमें 66 हजार युवक एवं 52 हजार 638 युवतियां शामिल हैं. बहरहाल पहले दौर के रुझान से एक बात साफ़ हो जाएगा की युवाओं का रुख किस ओर हैं, इसी दौर में कुछ युवा नोटा का भी उपयोग कर राजनितिक दलों पर सही प्रत्याशी चयन के लिए दबाव बना सकते हैं.