लालू के बाद अब मसूद चले जेल

0
46

नई दिल्ली – दस रूपया तो छोडो दिल्ली में तो पांच रुपये में भरपेट खाना मिला जाता है ये बयान देकर अचानक चर्चा में आये कांग्रेसी सांसद रशीद मसूद को मेडिकल सीटों के अलॉटमेंट घोटाले में दोषी पाते हुए दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया है।इस सजा के बाद उनकी सदस्यता तो जायेगी ही साथ ही वे छह साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। कल ही राजद नेता लालू यादव को भी चारा घोटाले के आरोप में जेल भेज गया है
रशीद मसूद के वकील ने सजा पर बहस के दौरान अदालत से उनकी कई सालों तक की गई देश सेवा और उम्र को देखते हुए नरमी बरतने की गुहार लगाई थी, लेकिन जज पर ये दलीलें असर नहीं डाल पाईं। बहस के दौरान सीबीआई के वकील ने जज से कहा था कि रशीद मसूद ने काबिल छात्रों का करियर बिगाड़ा है, उन्हें कम-से-कम सात साल की सजा जरूर मिलनी चाहिए।
67 वर्षीय मसूद के वकील ने सजा की अवधि पर दलील देते हुए सीबीआई के स्पेशल जज जे. पी. एस. मलिक से कहा, ‘मैं पिछले 30 सालों से संसद सदस्य हूं और मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं। मामले की प्रकृति , मेरी उम्र और पहले की साफ छवि को ध्यान में रखते हुए मुझे प्रॉबेशन का लाभ दिया जाना चाहिए।’
उनकी इस दलील का जैम कर विरोध करते हुए सीबीआई के वकील वी.एन. ओझा ने कहा, ‘रशीद मसूद को सात साल से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए क्योंकि अपने रिश्तेदार सहित अयोग्य उम्मीदवारों को नामित करके उन्होंने काबिल छात्रों का करियर बिगाड़ दिया है।’
उल्लेखनीय है कि 1990 में वी. पी. सिंह सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे मसूद को केंद्रीय पूल से देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए त्रिपुरा को आवंटित एमबीबीएस सीटों पर धोखाधड़ी से अपात्र उम्मीदवारों को नामित करने का दोषी ठहराया गया था।
स्पेशल सीबीआई जज जे. पी. एस. मलिक ने मसूद को आईपीसी की धाराओं 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी) और 486 (जालसाजी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था।