शिकारा पर निशाना साधने वाले विधु विनोद चोपड़ा की निगाह में गधे

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मुंबई = बॉलिवुड के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा फिल्म शिकारा को लेकर विवादों में चल रहे हैं।, उनपर अपनी इस फिल्म के जरिए कश्मीरी पंडितों के मुद्दे का व्यवसायीकरण करने का आरोप लग रहा है, जिसके बाद उनपर निशाना साधने वाले लोगों गधा बताया है। उनका कहना है कि जो लोग उनकी इस फिल्म को लेकर ऐसी बातें सोच रहे हैं वे गधे हैं।
फिल्म रिलीज़ के बाद से ही विवादों में है और सोशल प्लैटफॉर्म पर इस फिल्म को बॉयकॉट करने के लिए #BoycottShikara भी खूब चला। हालांकि, इससे पहले भी विधु विनोद चोपड़ा अपनी इस फिल्म पर लोगों की नाराजगी को लेकर अपनी राय दे चुके हैं। अब एएनआई ने विधु विनोद चोपड़ा के उस बयान का जिक्र करते हुए ट्वीट किया है, जिसमें निर्देशक ने फिल्म का व्यवसायीकरण करने का आरोप लगाने वालों को गधा बताया है। उनका कहना है कि जिस फिल्म को बनाने के पीछे 11 साल की मेहनत लगी है, आज रिजल्ट फनी है। उनका कहना है कि मैंने एक फिल्म बनाई जिसने पहले दिन 30 करोड़ कमाई और यह फिल्म जो मैंने अपनी मां की याद में बनाई है, उसने 30 लाख कमाई और लोग कहते हैं कि मैंने कश्मीरी पंडितों के दर्द को भुनाया है।
इस ट्वीट में लिखा गया है, ‘3 इडियट्स ने पहले दिन 33 करोड़ रुपए की कमाई की और हमें पता था कि शिकारा अपने पहले दिन 30 लाख की कमाई करेगी। मैंने यह फिल्म अपनी मां की याद में बनाई है, जिसने पहले दिन 30 लाख की कमाई की है और कुछ लोगों का कहना है कि मैंने कश्मीरी पंडितों के दर्द का व्यवसायीकरण किया है। ये लोग गधे हैं।’
उन्होंने मीडिया से हई बातचीत में बताया कि सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर नाराजगी के अलावा जिस चीज ने उन्हें सबसे ज्यादा हैरान कर दिया है वहपर उनकी इस फिल्म को मिली रेटिंग, जो 8 या 9 से घटकर 1 पर पहुंच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधु का कहना है कि पहले उनकी इस फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और अच्छे रिव्यू मिले और फिर सोशल मीडिया पर अचानक इसे लेकर नफरत भरी आवाजें बुलंद होती दिखीं। उनका कहना है कि लोग सोशल मीडिया पर विडियो शेयर कर कहने लगे कि किस तरह से उनकी फिल्म को एक स्टार की रेटिंग दी जा सकती है।
साल 1990 में 4 लाख कश्मीरी पंडितों को जबरन घाटी से बेदखल कर दिया गया था। इसी मुद्दे पर विधु विनोद चोपड़ा के डायरेक्शन में फिल्म ‘शिकारा’ बनी है। अब इस फिल्म का दूसरा ट्रेलर रिलीज हो चुका है जिसमें लाखों कश्मीरी पंडितों की त्रासदी दिखाई गई है। यह फिल्म आने वाले 7 फरवरी को रिलीज होगी। :इसके बाद विधु ने ओपन लेटर के जरिए इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए काफी कुछ कहा था। विधु विनोद चोपड़ा ने खुद को ‘प्रभावित कश्मीरी हिन्दू’ बताते हुए याद किया कि कैसे कश्मीर में उनके मकान में लूटपाट हुई थी और उनके परिवार पर हमला हुआ था। उन्होंने अपने प्रॉडक्शन हाउस के बैनर के सोशल मीडिया अकाउंट पर यह ओपन लेटर शेयर किया था। उसमें लिखा है, ‘मेरी मां परिंदा फिल्म के प्रीमियर के लिए एक छोटा सा सूटकेस लेकर मुंबई आई थीं और वह घर वापस नहीं जा सकीं… वह निर्वासन में मुंबई में ही मरीं… अब मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है कि मैं अपनी आत्मा बेच रहा हूं, कश्मीरी पंडितों के मुद्दे का व्यवसायीकरण कर रहा हूं।’