नगर निगम को हर रोज 5 करोड़ रूपये टेक्स वसूलने का फरमान

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जबलपुर। जबलपुर नगर निगम को आगामी 49 दिनों में करीब 200 करोड़ रूपये टेक्स के रूप में वसूलने है यानि उसे हर दिन 5 करोड़ रूपये कर के रूप में अपने खजाने में जमा करवाने है कल भोपाल में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख संजय दुबे और नगरीय प्रषासन आयुक्त पी. नरहरी ने प्रदेश स्तरीय राजस्व वसूली की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में निगमायुक्त कुमार ने जबलपुर नगर निगम के राजस्व वसूली की जानकारी दी। इसके उपरांत प्रमुख सचिवसंजय दुबे ने निर्देशित किया कि सभी निगमायुक्त अपने-अपने नगरीय निकाय क्षेत्रों के समस्त शासकीय, अशासकीय, एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से सख्ती के साथ बकाया करों की राशि की वसूली करें। उन्होंने जबलपुर निगमायुक्त को निर्देशित किया कि 31 मार्च के लिए अभी 49 दिन शेष है, इन 49 दिनों में 200 करोड़ की वसूली अनिवार्य रूप से करें। इसके लिए प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि औद्योगिक क्षेत्रों, होटलों, अस्पतालों, बारातघरों, होर्डिंग्स, दुकानदारों, के साथ साथ सभी केन्द्रीय एवं राज्य शासन के शासकीय कार्यालयों से हर हाल में बकाया करों की राशि वसूल करें। इन कार्यो में कोई लापरवाही न बरतें।
उपरोक्त निर्देशों के उपरांत निगमायुक्त आशीष कुमार ने भोपाल से ही राजस्व वसूली अभियान में लगे नगर निगम के सभी अधिकारियों कर्मचारियों को कठोरता के साथ सभी करदाताओं से बकाया करों की राशि की वसूली करें। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 5 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित कर सभी अधिकारी कर्मचारी फील्ड पर वसूली के लिए निकलें और जी-जान से मेहनत कर निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति करें। निगमायुक्त श्री कुमार ने नगर निगम अधिकारियें कर्मचारियों को हिदायत दी की मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव द्वारा दिये गए निर्देशों के अनुपालन में यदि कोई अधिकारी कर्मचारी लापरवाही करता है तो उनके विरूद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
निगमायुक्त ने प्रभारी अधिकारी रोहित सिंह कौशल, उपायुक्त राजस्व पी.एन. सनखेरे, राजस्व अधिकारीदीपनारायण मिश्रा के साथ साथ सभी जोन प्रभारी अधिकारियों, संभागीय अधिकारियों, संभागीय यंत्रियों, उपयंत्रियों, राजस्व निरीक्षकों, करसंग्रहिताओं तथा राजस्व अभियान में लगे उन सभी कर्मचारियों को भी निर्देशित किया है कि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी लोग सामूहिक रूप से प्रयास करें। उन्होंने शहर के सभी करदाताओं एवं शासकीय, अशासकीय प्रतिष्ठान संचालकों से भी आग्रह किया है कि शहर विकास के लिए बकाया करों की राशि जमा कर विकास की गति को बढ़ाने में अपना सहयोग प्रदान करें।