अपनी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे ईरानी नागरिक

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दुबई = ईरान की सरकार ने आखिरकार अपनी गलती से ही यूक्रेन के विमान को मार गिराने की बात स्वीकार की। इसके बाद से देश में प्रदर्शनों का दौर जारी है और रविवार को भी कई हिस्से में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी खुले तौर पर शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं और उनको हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक लीडरशिप के ऊपर दबाव काफी बढ़ गया है। हादसे के बाद ईरानी प्रशासन ने दावा किया था कि तकनीकी खामी के कारण विमान क्रैश हुआ, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद आखिरकार स्वीकार कर लिया।
रविवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और ईरान की सरकार के खिलाफ नारे लगाए। तेहरान में एक यूनिवर्सिटी के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कहा, ‘वो (ईरान की सत्ता पर काबिज) हमसे झूठ बोल रहे हैं कि अमेरिका हमारा दुश्मन है, जबकि हमारा दुश्मन तो यहीं है।’ प्रदर्शनकारियों का यह विडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया था।
सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े कुछ और पोस्ट भी शेयर किए गए हैं। एक और पोस्ट में प्रदर्शनकारी किसी अन्य यूनिवर्सिटी के बाहर और कुछ प्रदर्शनकारियों का समूह तेहरान के आजादी स्क्वॉयर पर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। देश के दूसरे बड़े शहरों में भी प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किए।
ईरान की राज्य प्रायोजित मीडिया में कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन की खबरें प्रकाशित हुई थीं। शनिवार को ईरान की सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया गया कि मानवीय भूल के कारण ईरानी बलों ने यूक्रेन के विमान को मार गिराया था। इसके बाद शनिवार को देश के कई हिस्से में प्रदर्शन और तेज हो गए। इस विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई। ईरान के मिसाइलों ने विमान पर उसी दिन निशाना साधा जिस दिन अमेरिकी बेस पर हमले किए थे।
यूक्रेन इंटरनैशनल एयरलाइंस का विमान टेक ऑफ के कुछ ही मिनट बाद आग की लपटों में आ गया था। बुधवार को हुए विमान हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। विमान में सवार ज्यादातर लोगों के पास दोहरी नागरिकता थी। 57 यात्रियों के पास कनाडा का पासपोर्ट था।