वर्तिका ने मनाया अपना वार्षिकोत्सव

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जबलपुर मध्य प्रदेश = वर्तिका , जबलपुर की पंजीकृत सक्रिय साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक संस्था है .संस्था प्रति वर्ष अपने वार्षिकोत्सव में देश के विभिन्न अंचलो से अनेक रचना धर्मियो को आमंत्रित कर सम्मानित करती है , वर्तिका से सम्मानित विद्वानो में श्री चंद्रसेन विराट ,प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव विदग्ध , श्री हरेराम समीप ,आचार्य भगवत दुबे , डा त्रिभुवन नाथ शुक्ल भोपाल , इंजी विवेक रंजन श्रीवास्तव , श्री संजीव सलिल ,दिल्ली के श्री जाली अंकल , हैदराबाद के श्री विजय सटपट्टी ,श्री हेमन्त बावनकर , श्री अनवर इस्लाम , श्री कुंवर प्रेमिल जैसे विद्वान शामिल हैं .
संस्था ने जबलपुर में विगत अनेक वर्षो से प्रति माह अंतिम रविवार को मासिक काव्य गोष्ठी आयोजित कर एक रचनात्मक वातावरण बनाया है . इस अवसर पर जिन साहित्यकारो का जन्म दिवस उस माह में होता है उनकी रचनाओ पर आधारित काव्य पटल का विमोचन शहर की साहित्यिक गतिविधियो के केंद्र शहीद स्मारक में किया जाता है जहां यह काव्य पटल पूरे माह आम जनता के लिये पठन मनन हेतु प्रदर्शित रहता है .
वर्तिका ने समय समय पर युवा रचनाकारो के मार्गदर्शन हेतु गजल कैसे लिखें ? , दोहा कैसे लिखें ? , जैसे विषयों पर विद्वानो की कार्यशालायें आयोजित कर एक अलग पहचान बनाई है .
वर्तिका के वार्षिकोत्सव में इस बार १७ नवम्बर २०१९ को स्थानीय समन्वय केंद्र के भव्य सभागार में साहित्य मनीषियो की उपस्थिति तथा जबलपुर विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति डा कपिल देव मिश्र जी के मुख्य आतिथ्य एवं श्री उमेश पिल्लई आयकर आयुक्त जी की विशिष्ट उपस्थिति में श्री भगवत दुबे जी की अध्यक्षता में एक गरिमामय समारोह में विभिन्न क्षेत्रो के विद्वत मनीषियो को सम्मानित किया .
कार्यक्रम का शुभारंभ श्वेता मिश्रा द्वारा सरस्वती वंदना के गायन से हुआ . अपनी कोकिल कंठी आवाज में कु अदिति नेमा ने भजन प्रस्तुत कर सभा को सम्मोहित कर दिया . इस मौके पर संस्था के संयोजक श्री विजय नेमा अनुज की सद्यः प्रकाशित पुस्तक पतवार तुम्हें दे जाउंगा का विमोचन किया गया . प्रति वर्ष वर्तिका अपनी एक स्मारिका प्रकाशित करती है , इस वर्ष की स्मारिका वर्तिकायन का भी विमोचन समारोह में संपन्न हुआ . संस्था के अध्यक्ष श्री सोहन सलिल तथा सुश्री दिव्या सेठ ने वरिष्ठ रचनाधर्मी प्रो चित्र भूषण श्रीवास्तव रचित नर्मदा स्तुति शांति दे माँ नर्मदे को संगीत बद्ध कर यू ट्यूब पर प्रस्तत करने का अनूठा काम किया है , इस गीत का लोकार्पण भी समारोह में किया गया तथा गायक द्वय को वर्तिका स्मृति चिन्हो से सम्मानित किया गया . अध्यक्ष श्री सोहन सलिल ने अपने स्वागत उद्बोधन में विभिन्नता में एकता तथा निरंतरता के सूत्र को वर्तिका की ताकत कहा . संस्था की गतिविधियो का संयोजक प्रतिवेदन श्री विजय नेमा अनुज ने प्रस्तुत किया . श्री उमेश पिल्लई जी को संस्था का संरक्षक मनोनीत किया गया
इस अवसर पर साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हेतु शिक्षाविद् श्रीमती दयावती श्रीवास्तव स्मृति वर्तिका साहित्य अलंकरण मण्डला से आये हुये श्री कपिल वर्मा को प्रदान किया गया .उक्त अलंकरण श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव के सौजन्य से प्रदान किया जाता है . पान उमरिया से पधारे हुये डा आर सी मिश्रा को एवं इसी क्रम में मुम्बई के श्री संतोष सिंह को श्री सलिल तिवारी के सौजन्य से उनके पिता स्व श्री परमेश्वर प्रसाद तिवारी स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया गया . श्री के के नायकर स्टेंड अप कामेडी के शिखर पुरुष हैं , उन्होने हास्य के क्षेत्र में जबलपुर को देश में स्थापित किया है . श्री नायकर को श्रीमती ममता जबलपुरी के सौजन्य से श्रीमती अमर कौर स्व हरदेव सिंह हास्य शिखर अलंकरण प्रदान किया गया . व्यंग्यकार श्री अभिमन्यू जैन को स्व सरन दुलारी श्रीवास्तव की स्मृति में व्यंग्य शिरोमणी अलंकरण दिया गया . इसी तरह श्री मदन श्रीवास्तव को स्व डा बी एन श्रीवास्तव स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया गया . श्री सुशील श्रीवास्तव द्वारा अपने माता पिता स्व सावित्री परमानंद श्रीवास्तव की स्मृति में स्थापित अलंकरण प्रभा विश्वकर्मा शील को दिया गया . श्रीमती विजयश्री मिश्रा को स्व रामबाबूलाल उपाध्याय स्मृति अलंकरण दिया गया जो श्रीमती नीतू सत्यनारायण उपाध्याय द्वारा प्रायोजित है . श्री अशोक श्रीवास्तव सिफर द्वारा स्व राजकुमरी श्रीवास्तव स्मृति अलंकरण श्री संतोष नेमा को उनकी राष्ट्रीय साहित्य चेतना के लिये दिया गया . सुश्री देवयानी ठाकुर के सौजन्य से स्व ओंकार ठाकुर स्मृति कला अलंकरण से श्री सतीश श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया . गाडरवाड़ा से पधारे हुये श्री विजय नामदेव बेशर्म को श्री सतीश श्रीवास्तव के सौजन्य से स्व भृगुनाथ सहाय स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया . वर्तिका प्रति वर्ष किसी सक्रिय साथी को संस्था के संस्थापक साज जी की स्मृति में लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित करती है , इस वर्ष यह प्रतिष्ठा पूर्ण सम्मान श्री सुशील श्रीवास्तव को स्ति अशोक झरिया शफक की ओर से प्रदान किया गया . इसके अतिरिक्त श्रीमती निर्मला तिवारी जी को कथा लेखन तथा युवा फिल्मकार आर्य वर्मा को युवा अलंकार से वर्तिका अलंकरण दिये गये .
वर्तिका ने सक्रिय संस्थाओ को भी सम्मानित करने की पहल की है , इस वर्ष नगर की साहित्य के लिये समर्पित संस्थाओ पाथेय तथा प्रसंग को सम्मानित किया गया . कार्य क्रम का संचालन श्री दीपक तिवारी तथा श्री राजेश पाठक प्रवीण द्वाराकिया गया . आभार प्रदर्शन सहभोज के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ .
आयोजन की साहित्यिक जगत में गहन प्रशंसा पूर्ण चर्चा है .