जेएनयू के छात्र सड़कों पर उतरे पुलिस ने वाटर केनन का प्रयोग किया

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नई दिल्ली =फीस में बढ़ोतरी समेत कई मुद्दों को लेकर बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे जेएनयू के छात्र अब दिल्ली की सड़कों पर उतर आए हैं। एक तरफ यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी के हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में एबीवीपी, आईसा, एआईएसएफ और एसएफआई समेत सभी छात्र संगठन हिस्सा ले रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। कई मौकों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को छात्रों भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल भी करना पड़ा।
दरअसल छात्र यूनिवर्सिटी परिसर से दीक्षांत समारोह परिसर तक मार्च करने चाहते हैं। लेकिन पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक लिया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर छात्रों को रोका है। करीब 12 बजे के बाद पुलिस अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुला लिया। पुलिस ने आसपास के इलाकों की कड़ी सुरक्षा की हुई है।
छात्रों की मूलत: तीन मांगें है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं, तब तक वे प्रदर्शन बंद नहीं करेंगे। छात्रों की पहली मांग है कि उनकी फीस में बढ़ोतरी के फैसले को वापस लिया जाए। दूसरी मांग है कि हॉस्टल में कर्फ्यू टाइमिंग के नियम को बदला जाए और तीसरी मांग है कि ड्रेस कोड का नियम लागू न किया जाए। इसके अलावा छात्र हॉस्टल सुविधाओं पर सर्विस चार्ज बढ़ाने और कई अन्य मांगों को लेकर भी प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का विरोध आज के दीक्षांत समारोह को लेकर भी है। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस के इतर बाहरी जगह पर दीक्षांत समारोह किया जाना समझ से परे है।
एक आंदोनकारी छात्र ने कहा, ‘हम बीते 15 दिनों से फीस में इजाफे का विरोध कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी में कम से कम 40 फीसदी छात्र ऐसे हैं, जो गरीब परिवारों से आते हैं। आखिर ये छात्र कैसे अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगे?’ छात्रों का कहना है कि उन्हें बिना सस्ती एजुकेशन के उन्हें दीक्षांत समारोह मंजूर नहीं है। हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का मामला यूनिवर्सिटी में काफी आगे जा चुका है और अब तक कोई हल नहीं निकला है।