मुझे चुप करने मानहानि का केस लगाया

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सूरत =कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानहानि के एक केस में कोर्ट के सामने पेश होने सूरत पहुंचे। हालांकि, केस की सुनवाई 10 दिसंबर तक के लिए टाल दी गई है। अब राहुल को 11 अक्टूबर को एक और मानहानि केस में अहमदाबाद की एक अदालत में पेश होने जाना है। राहुल ने इस बारे में ट्वीट कर कहा है कि उन्हें चुप कराने को बेकरार विपक्षियों ने यह केस दर्ज कराया है। वहीं पार्टी के सीनियर नेताओं ने इस बारे में कहा है कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
गौरतलब है कि कर्नाटक के कोलर में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने कथित रूप से बयान दिया था कि ‘सभी चोरों का मोदी उपनाम क्यों होता है।’ इसी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया गया था। सूरत पहुंचे राहुल ने कोर्ट के सामने सुनवाई के लिए पेश होने से छूट का आवेदन किया और कोर्ट ने इसका जवाब देने के लिए 10 दिसंबर की तारीख तय की है। इस बारे में राहुल ने ट्वीट कर कहा- ‘मुझे चुप कराने के लिए बेकरार मेरे राजनीतिक विपक्षियों द्वारा दाखिल किए मानहानि के लिए पेश होने मैं आज सूरत में हूं। मैं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं जो मुझसे समर्थन जताने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं।’
इससे पहले इस बारे में पार्टी के सीनियर नेता अहमद पटेल ने कहा है कि कोर्ट ने उन्हें समन किया था इसलिए राहुल आए हैं। उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए और जब कोर्ट फैसला देगा तब देखा जाएगा। पटेल ने कहा कि जो भी जज कहेंगे वह किया जाएगा। वहीं, शक्तिसिंह गोहिल ने कहा है कि लोकतंत्र में सत्ताधारी पार्टी को विपक्ष की आलोचना सहन करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘राहुल जी ने कहा था कि ललित मोदी और नीरव मोदी चोर हैं और नरेंद्र मोदी असफल। बीजेपी ने उनके बयान को मोदी समुदाय से जोड़ दिया और उनका अपमान किया।’
जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने गांधी को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी थी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अक्टूबर की तारीख तय की थी। इससे पहले मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट बी. एच. कपाड़िया ने मई में गांधी को समन जारी किया था। अदालत ने भारतीय जनता पार्टी विधायक पुरनेश मोदी की भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत शिकायत को स्वीकार कर लिया था। यह धारा आपराधिक मानहानि के मामले से संबंधित है।