इनकम टेक्स पेयर्स को मिल सकती है बड़ी छूट

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नई दिल्ली= त्योहारी मौसम में केंद्र सरकार टैक्सपेयर्स को बड़ा तोहफा दे सकती है। टैक्सपेयर्स की जेब में पैसा बचने से मांग में बढ़ोतरी और आर्थिक गतिविधि तेज होने की उम्मीद से सरकार जल्द टैक्स स्लैब में बदलाव का ऐलान कर सकती है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में दो सरकारी अधिकारियों के हवाले से यह बात कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी अधिकारी डायरेक्ट टैक्स कोड के प्रस्तावों के तहत पुराने इनकम टैक्स कानून को सरल और टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाने के लिए काम कर रहे हैं।इसके लिए गठित टास्क फोर्स ने 19 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। सरकार टैक्स अनुपालन और आधार को बढ़ान के साथ टैक्सपेयर्स की सहूलियत बढ़ाना चाहती है।?
सरकार टैक्स कटौती को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है। हिंदुस्तान टाइम्स को एक अधिकारी ने बताया, ‘इस फैसले से राजस्व और अन्य परिस्थितियों पर विचार किया जा रहा है। हर टैक्सपेयर को कम से कम 5 फीसदी टैक्स छूट देने का विचार है।’
रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 से 10 लाख रुपये तक आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स स्लैब का विचार किया जा रहा है। अभी इतनी आमदनी पर 20% टैक्स लगता है। सेस, सरचार्ज आदि को हटाकर 30% टैक्स स्लैब को घटाकर 25% करने का भी विकल्प है।
अभी 2.5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी टैक्स के दायरे से बाहर है, जबकि 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर 5% टैक्स देनदारी बनती है, लेकिन फरवरी 2019 के अंतरिम बजट में सरकार ने 5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल आमदनी पर टैक्स छूट की घोषणा की थी, जो कायम है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों को अलग-अलग विकल्पों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट सक्षम अथॉरिटी को सौंपने को कहा गया है, जो ऐलान के समय पर फैसला लेंगे। हालांकि, विश्लेषक मानते हैं कि सरकार दिवाली से पहले यह ऐलान कर सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे टैक्सपेयर्स के हाथ पर अधिक पैसा बचेगा तो उपभोग को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधि में तेजी लाने में सहायक होगा।
जून तिमाही में विकास दर 5% रहने के बाद सरकार कई अहम कदम उठा चुकी है, जिसमें कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती भी शामिल है। कॉरपोरेट टैक्स को 30% से घटाकर 22% कर दिया गया, जबकि नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स 15% तय किया गया है।