बिहार के उप मुख्यमंत्री बाढ़ में फंसे रेस्क्यू कर निकला

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पटना= बिहार में बारिश और बाढ़ से आम ही नहीं खास लोग भी प्रभावित हुए हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि पटना के राजेंद्र नगर स्थित घर में फंसे प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को बचाने के लिए बचाव दल को आना पड़ा। सुशिल मोदी के घर के चारों तरफ पानी ही पानी था। तीन दिन बाद भी राहत न मिलती देख प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट किया और सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उन्हें नाव से रेस्क्यू किया गया।
दरअसल पिछले पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से बिहार में जिंदगी पूरी तरह ठप है। बारिश से जुड़े हादसों में मरने वालों की संख्या 29 तक पहुंच गई है। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पटना सहित राज्य के अन्य जिलों में फिर भारी बारिश की चेतावनी देते हुए अलर्ट जारी किया है।
उधर, बिहार की नामचीन लोकगायिका शारदा सिन्हा भी अपने घर में फंस गई थीं। बाद में कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने उन्हें घर से बाहर निकाला। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगाई थी। सिन्हा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा था, ‘राजेंद्र नगर स्थित अपने घर में पानी में फंसी हुई हूं। मदद नहीं मिल पा रही है। एनडीआरएफ की टीम तक भी पहुंचना असंभव है। पानी से गंध आ रही है। काश, भारत में एयरलिफ्ट की सुविधा होती। कोई रास्ता है तो बताएं।’
घर से बमुश्किल निकलने के बाद शारदा सिन्हा ने कहा, ‘मैं और मेरे पति दोनों फंस गए थे। ग्राउंड फ्लोर पर तो छाती भर पानी आ गया था। यदि हम नीचे उतरते तो डूब ही जाते। दुख की बात यह है कि फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद भी काफी देर तक प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। मैं इतने दिनों से पटना में रह रही हूं, आजतक कभी इतना पानी नहीं देखा।’
उधर, बिहार में बारिश से मचे हाहाकर के बीच राजनीति भी शुरू हो गई है। एक तरफ जहां बीजेपी विधायक ने प्रशासन पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं, लालू यादव के बेटे और सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बारिश के बहाने नीतीश कुमार पर तंज कसा है। हालांकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव कार्य में जुटने की अपील की है।
लगातार बारिश से राजधानी पटना झील में तब्दील हो चुकी है। हालात के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद भी पटना पहुंच गए हैं। उधर, बीजेपी विधायक अरुण सिन्हा ने प्रशासन पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। सिन्हा ने कहा कि प्रशासन से उचित सहयोग नहीं मिलने के कारण ही रविशंकर प्रसाद का पटना आना पड़ा है।
बारिश के बहाने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार में पिछले 15 साल से नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। अब नीतीश जी और सुशील मोदी को जलभराव के लिए मुगलों, जवाहर लाल नेहरू, लालू यादव, मौसम, प्रकृति और नक्षत्र को दोषी ठहराना चाहिए…।’
पटना के कई इलाकों में सड़कों पर 6 से 7 फुट तक पानी जमा है। लोग छतों पर ठिकाना बनाने को मजबूर हैं। यहां तक कि मंत्री और विधायक के घरों में भी पानी घुस गया है। कोचिंग हब कहे जाने वाले राजेंद्रनगर में हॉस्टल में फंसीं सैकड़ों छात्राओं को रेस्क्यू किया गया है। वहीं, हजारों कोचिंग स्टूडेंट अब भी फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ के साथ ही एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।
पटना पहुंचे रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘मैंने अपने विधायकों और अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। मुझे सूचित किया गया है कि फरक्का बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं और कोल इंडिया से बड़े पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। एनडीआरएफ ने सूचित किया है कि पर्याप्त नावें हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक हेलिकॉप्टर मदद के लिए पहुंच गया है। दूसरा गोरखपुर से राहत सामग्री प्रदान करने के लिए आएगा। पटना और बिहार के लोगों की मदद के लिए हम पूरी तरह जुटे हुए हैं।’
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के मुताबिक राज्य में 29 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। हालांकि विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि सोमवार को बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है। पटना और दरभंगा में मंगलवार तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों में ऑरेंज और 5 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने और फूड पैकेट गिराने के लिए भारतीय वायुसेना से दो हेलिकॉप्टर की मांग की है।