रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा से एसआईटी पूछताछ करेगी

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शाहजहांपुर =पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा से एसआईटी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। छात्रा ने शाहजहांपुर की एक कोर्ट में सुबह ही अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है जिस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट शाम 4 बजे अपना फैसला सुनाएगी। एसआईटी इस वक्त कोर्ट परिसर में छात्रा के साथ ही मौजूद है। छात्रा पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। लॉ स्टूडेंट की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। चिन्मयानंद के वकील ने अग्रिम जमानत वाली याचिका का विरोध किया। लगभग 40 मिनट तक दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने शाम 4 बजे तक आदेश सुरक्षित रख लिया है।
इससे पहले सोमवार को छात्रा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की पीठ के समक्ष अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तब कहा था कि यदि पीड़िता कोई राहत चाहती है तो वह उचित पीठ के समक्ष नई याचिका दायर कर सकती है। अदालत ने कहा कि यह पीठ इस मामले में केवल जांच की निगरानी करने के लिए नामित की गई है और गिरफ्तारी के मामले में रोक लगाने का कोई आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
जांच में छात्रा और चिन्यमानद को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आरोप लगाने वाली छात्रा और चिन्मयानन्द के बीच जनवरी 2019 से अगस्त महीने के बीच 200 बार फोन पर बातचीत हुई है। 8 महीनों के दौरान छात्रा और उसके साथी संजय के बीच 4200 से ज्यादा बार फोन पर बात हुई थी।
आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया था कि एजेंसी ने हर जरूरी डिजिटल साक्ष्य, दोनों पक्षों के फोन कॉल डीटेल जुटाए। घटनास्थल, संस्थान, पीड़िता के घर और हॉस्टल से भी साक्ष्य एकत्र किए। गाड़ियों के मूवमेंट, टॉल टैक्स बैरियर, दिल्ली और राजस्थान के होटलों से सीसीटीवी फुटेज, बैंक और एटीएम से रकम निकालने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
एफएसएल के जरिए दोनों पक्षों की तरफ से दिए गए विडियो की मिरर इमेज तैयार कर उनका विश्लेषण किया गया। तब जाकर एसआईटी ने दोनों पक्षों की तरफ से दर्ज करवाए गए मुकदमों की धाराओं में बदलाव किया गया है। उन्‍होंने बताया था कि छात्रा के तीनों साथियों संजय सिंह, सचिन सेंगर उर्फ सोनू और विक्रम ने स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की बात कबूली है। इन तीनों ने वायरल विडियो में खुद के होने की बात भी स्वीकार की।
इस बीच, शाहजहांपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद की जमानत की अर्जी आज नामंजूर कर दी है। पूर्व मंत्री के वकील ओम सिंह ने बताया कि चिन्मयानंद की जमानत याचिका को अदालत ने यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि यह अर्जी सत्र अदालत में लगाई जानी चाहिए। अदालत ने बीजेपी नेता से रंगदारी मांगने के मामले में तीन आरोपियों- संजय, सचिन और विक्रम की जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी है।