चिन्मयानन्द पर आरोप लगाने वाली छात्रा भी होसकती है गिरफ्तार

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शाहजहांपुर =यूपी के शाहजहांपुर जेल भेजे गए र भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। इस पूरे मामले की जांच कर रहे एसआईटीके सूत्रों ने यह जानकारी दी। पीड़‍िता पर भी जबरन धन वसूली करने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
सूत्रों ने कहा कि चिन्मयानंद से जबरन धन वसूलने के लिए पीड़िता के दोस्त संजय सिंह, सचिन और विक्रम ने पूर्व केंद्रीय मंत्री को फोन किया था और इस रंगदारी की साजिश में पीड़िता भी शामिल थी। चिन्मयानंद को गिरफ्तार किए जाने और जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों के बाद 3 युवकों को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों ने कहा कि चूंकि जांच के सभी आदेश शीर्ष अदालत ने दिए थे, इसलिए एसआईटी पीड़िता को गिरफ्तार करने से पहले कोर्ट को सूचित कर सकती है।
एसआईटी के एक अधिकारी ने कहा, ‘जबरन वसूली मामले में पीड़‍िता सक्रिय थी और हम उस पर नजर रखे हुए हैं। हम उचित समय पर कार्रवाई करेंगे।’ कानून की छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर दुष्कर्म और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया है कि उसका शोषण एक साल तक चला। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आरोप लगाने वाली छात्रा और चिन्‍मयानंद के बीच जनवरी 2019 से अगस्‍त महीने के बीच 200 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
उधर, 8 महीनों के दौरान छात्रा और उसके साथ संजय के बीच 4200 से ज्‍यादा बार फोन पर बात हुई थी। आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि एसआईटी ने हर जरूरी डिजिटल साक्ष्य, दोनों पक्षों के फोन कॉल डीटेल जुटाए। घटनास्थल, संस्थान, पीड़िता के घर और हॉस्टल से भी साक्ष्य एकत्र किए। गाड़ियों के मूवमेंट, टॉल टैक्स बैरियर, दिल्ली और राजस्थान के होटलों से सीसीटीवी फुटेज, बैंक और एटीएम से रकम निकालने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
आईजी ने बताया कि एफएसएल के जरिए दोनों पक्षों की तरफ से दिए गए विडियो की मिरर इमेज तैयार कर उनका विश्लेषण किया गया। तब जाकर एसआईटी ने दोनों पक्षों की तरफ से दर्ज करवाए गए मुकदमों की धाराएं तरमीम कीं। उन्‍होंने बताया कि छात्रा के तीनों साथियों संजय सिंह, सचिन सेंगर उर्फ सोनू और विक्रम ने स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की बात कबूली है। इन तीनों ने वायरल विडियो में खुद के होने की बात भी स्वीकार की है। एसआईटी ने तीनों को अपने पुलिस लाइंस स्थित अस्थायी कार्यालय से गिरफ्तार किया। एसआईटी 23 सितंबर को हाई कोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।