सवाल पूछना, सच बोलना अब देश विरोधी करार दिया जाता है

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नई दिल्ली = 800 से ज्यादा थियेटर कलाकारों ने एक संयुक्त बयान जारी करके देश के नागरिकों से ‘बांटने की राजनीति को सत्ता से बाहर’ करने की अपील की है। आर्टिस्ट यूनाइट इंडिया की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि आजाद भारत के इतिहास में इस बार के लोकसभा चुनाव सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया कीखबर के मुताबिक 11 भाषाओं में जारी किए गए बयान में कहा गया है, ‘आज आइडिया ऑफ इंडिया के विचार को खतरा है। आज गाने, नाचने और हंसने पर भी खतरा है। आज हमारा प्यारा संविधान भी खतरे में है। जिन संस्थानों में बहस की और सवाल पूछने की परंपरा थी, उन्हें हाशिए पर कर दिया गया है। सवाल पूछना, झूठ को पकड़ना और सच बोलना अब देशविरोधी करार दिया जाता है। हमारे नफरत के बीज हमारे खाने, पूजा पद्धति और उत्सवों में घोल दिए गए हैं। जिस तरह से यह सब किया गया है, उसके रोकना बेहद जरूरी है।’
बयान में असंतोष का गला घोंटने और हिंसा-नफरत के माहौल को बढ़ावा देने के आरोप में बीजेपी की आलोचना की गई है। इन कलाकारों के बयान में कहा गया है, ‘लोकतंत्र में सबसे कमजोर को सशक्त बनाया जाता है। कोई भी लोकतंत्र सवाल पूछे बगैर और बहस किए बगैर जिंदा नहीं रह सकता है, लेकिन वर्तमान सरकार यही कर रही है। जो बीजेपी पांच साल पहले विकास के वादे के साथ सत्ता में आई थी, उसने हिंदू गुंडों को पूरी आजादी दे दी है और नफरत और हिंसा की राजनीति को बढ़ावा दिया।’
बयान में देश के वोटरों को नफरत और हिंसा की जगह प्रेम और सद्भाव के लिए वोट करने की अपील की गई है। लोगों से ऐसी सरकार चुनने की अपील की गई है, जो लोकतंत्र को बढ़ावा देगी। इस बयान को जारी करने वालों में मनु पारेख, ओरजीत सेन, गिगी स्केरिया, रणबीर कालेका और अरुण कुमार और आर्ट राइटर जॉनी एमएल और जॉर्जिना मैडॉक्स शामिल थे।
फोटो प्रतीकात्मक है