अपने इस विज्ञापन से घिर गया सर्फ़ एक्सेल

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नई दिल्ली =होली के दिन दिल मिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं। फिल्म शोले का यह गाना होली पर भाईचारे का संदेश देता रहा है। ऐसा ही संदेश वॉशिंग डिटर्जेंट सर्फ एक्सल की ओर से देने का प्रयास गया था, लेकिन उसकी यह कोशिश उसके लिए उल्टी पड़ती दिख रही है। इस विज्ञापन में हिंदू बच्ची और मुस्लिम बच्चे को दिखाया जाने का सोशल मीडिया पर एक तबका विरोध कर रहा है।
यहां तक कि लोगों ने बायकॉट सर्फ एक्सल के हैशटैग के साथ उसे ट्रोल करना भी शुरू कर दिया है। सर्फ एक्सल ने ‘रंग लाए संग’ कैंपेन के जरिए होली पर हिंदू-मुस्लिम सद्भाव का संदेश देने का प्रयास किया था। करीब एक मिनट के इस ऐड में दिखाया गया है कि सफेद टी-शर्ट पहने हिंदू लड़की पूरी गली में साइकल लेकर घूमती है और सभी बच्चों के रंग अपने ऊपर डलवाकर खत्म करा देती है।
इसके बाद अपने मुस्लिम दोस्त के घर के बाहर जाकर कहती है कि रंग खत्म हो गए। फिर उसे साइकल पर बैठा मस्जिद के दरवाजे पर छोड़ती है। आखिरी में उसके सीढ़ी चढ़ते वक्त वह कहती है, बाद में रंग पड़ेगा। इस पर उसका मुस्लिम दोस्त धीमे से मुस्करा देता है। हिंदुस्तान लीवर के मालिकाना हक वाले सर्फ एक्सल ने इसके जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया था कि रंगों के जरिए समाज संग आ सकता है। इस विज्ञापन अंत सर्क एक्सल की परंपरागत टैगलाइन ‘दाग अच्छे हैं’ के साथ होता है।
27 फरवरी के रिलीज किए गए इस ऐड को यूट्यूब पर अब तक 77,37,800 व्यूज मिल चुके हैं। हालांकि ट्विटर पर कुछ लोग इसे हिंदू फोबिक और विवादित करार दे रहे हैं। यही नहीं कुछ लोगों ने तो यह आरोप भी लगाया है कि इस विज्ञापन में नमाज को होली से महत्वपूर्ण बताने की कोशिश की गई है।
इस बीच पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी सर्फ एक्सल की धुलाई करने की बात कही है। रामदेव ने ट्वीट किया, ‘हम किसी भी मजहब के विरोध में नहीं हैं, लेकिन जो चल रहा है उस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। लगता है जिस विदेशी सर्फ से हम कपड़ों की धुलाई करते हैं अब उसकी धुलाई के दिन आ गए हैं?