फेल स्टूडेंट टॉपर से चिढ़ता है

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नई दिल्ली = केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सोशल मीडिया के सहारे कांग्रेस पार्टी और उनके अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। ट्वीट्स में जेटली ने राफेल, घोटालों, जीएसटी, सर्जिकल स्ट्राइक, गोहत्या विवाद आदि का जिक्र किया। उन्होंने इशारों में राहुल को वह फेल स्टूडेंट बताया, जो हमेशा टॉपर से चिढ़ता है।
जेटली ने लिखा है कि पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस फर्जी आंदोलन चलाकर सरकार को बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘झूठ ज्यादा वक्त तक नहीं टिकता लेकिन विपक्षी फिर भी एक के बाद एक झूठ बोलते रहे।’ राफेल का जिक्र करते हुए जेटली ने लिखा, ‘यह डील भारत की मुकाबला करने की क्षमता को बढ़ा रही है और साथ ही इससे कोष के करोड़ों रुपये भी बचाए गए हैं, लेकिन इसे झूठ साबित करने के लिए विरोधियों ने आधा अधूरा पत्र (रक्षा मंत्रालय का लेटर) दिखाया, जिसके बाद उनकी विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो गई। वह भूल गए थे कि सच की हमेशा जीत होती है।’
जेटली ने आगे कहा, ‘राफेल पर राहुल गांधी के दो बयान सुनेंगे तो पता लगेगा कि यह पीएम मोदी से निजी दुश्मनी निकालने जैसा है। एक फेल स्टूडेंट हमेशा क्लास के टॉपर को नापसंद करता है।’
बैंकों की खराब हालत का जिक्र करते हुए जेटली ने लिखा, ‘जिन्होंने 2008-2014 के बीच बैंकों को लूटा, वे आरोप लगा रहे हैं कि हमने इंडस्ट्रियल लोन्स को माफ किया है। जबकि एक सिंगल रुपया भी नहीं माफ किया गया है। असल में अब डिफॉल्टर्स को मैनेजमेंट से बाहर किया जा रहा है, इससे कांग्रेस का एक और झूठ पकड़ा गया। अगुस्टा वेस्टलैंड घोटाले में शामिल क्रिश्चन मिशेल को भारत लाने को जेटली ने सरकारी की कामयाबी बताते हुए लिखा, ‘झूठ फैलाया जा रहा था कि सरकार और उसके मंत्री आर्थिक भगौड़ों को देश छोड़कर भागने में मदद कर रहे हैं। लेकिन यह झूठ तब खुल गया जब सरकार कई डिफॉल्टर्स और बिचौलियों को वापस लाने में कामयाब हुई।’
कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए जेटली ने लिखा, ‘सरकार और बीजेपी हमेशा सेना के साथ खड़ी है। यही विपक्ष था जिन्होंने पहले सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए और फिर बाद में उसे एक रूटीन कार्रवाई बताया जो पहले भी हुई थी। यहां तक की उन्होंने आर्मी चीफ को सड़क का गुंडा तक कहा था।’
जेटली ने लिखा कि जीएसटी पर फैलाया गया झूठ सिर्फ 18 महीने टिक पाया। क्योंकि उसके बाद यह उपभोक्ताओं के अनुकूल होता चला गया। जेटली के अनुसार इसकी मदद से टैक्स में कटौती हुई, छोटे व्यापारियों को इससे बाहर करके उन्हें भ्रष्टाचार और होनेवाली परेशानियां से भी बचाया गया।