गुर्जर आंदोलनकरि रेल पटरियों पर जमे

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जयपुर = एक बार फिर गुर्जर समुदाय आरक्षण की मांग लेकर प्रदर्शन करने के लिए उतरा है। गुर्जर नेता किरौड़ी सिंह बैंसला अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार से राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में ट्रेन की पटरियों पर बैठे हैं।उन्होंने कहा कि गुर्जर समुदाय की मांग को पूरा करना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के लिए बड़ा काम नहीं होना चाहिए। बैंसला ने इस बार के आंदोलन को आर-पार की लड़ाई बताया है। वहीं, ट्रैक पर जारी प्रदर्शन के कारण कई रेल यातायात पर काफी असर पड़ा है। अब तक 14 ट्रेनें कैंसल की जा चुकी हैं और 20 रेलगाड़ियों के मार्ग बदले गए हैं।
बैंसला ने कहा, ‘हमारे पास अच्छे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हैं। हम चाहते हैं कि वे गुर्जर समुदाय की मांगें सुनें। उनके लिए आरक्षण देना कोई बहुत बड़ा काम नहीं है।’ उन्होंने शुक्रवार को कहा था, ‘राज्य सरकार को अपने वादे पर खरा उतरना चाहिए। हालात बदल गए हैं, इस बार हम चूकेंगे नहीं।’
edhar प्रदर्शन के कारण अब तक 14 से ज्यादा ट्रेनें कैंसल कर दी गई हैं और करीब 20 रेलगाड़ियों के मार्ग बदले गए हैं। कुछ ट्रेनों को गंतव्य स्टेशन से पहले ही रोक दिया गया है।
बैंसला का कहना है कि चीजें जल्दी बदल रही हैं। वह खुद नहीं आए हैं बल्कि लोग उन्हें रेलवे ट्रैक तक लेकर आए हैं। विरोध शांतिपूर्वक किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनी रहे इसके लिए भरतपुर पुलिस रेंज में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है जिसके तहत सवाईमाधोपुर आता है।
वहीं, गहलोत सरकार का कहना है कि वह बात करने के लिए तैयार है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री मस्टर भंवर लाल और सीनियर सरकारी अधिकारियों की एक समिति प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए बनाई गई है।
गौरतलब है कि राज्य में गुर्जरों के आंदोलन का मुद्दा 14 साल से चल रहा है और शुक्रवार से एक बार फिर प्रदर्शन ने तेजी पकड़ी है। गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका-रेबारी, गडिया लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है।