जबलपुर भाजपा में नए पावर सेंटर की जद्दोजहद..

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ज़हीर अंसारी

जबलपुर मध्य प्रदेश =वन्देमातरम् गान के पहले सियासत की नई बिसात शहर में बिछती दिख रही है। लगता है वन्देमातरम् गान के बहाने भाजपा में नए पावर सेंटर को लेकर जद्दोजहद शुरू हो गई है।

भाजपा प्रदेश संगठन ने 7 जनवरी को प्रदेश के हर ज़िला मुख्यालय में वन्दे मातरम् गान का आयोजन करने का निर्देश जारी किया है, मगर पार्टी फ़रमान के इतर 6 जनवरी को विधायक अजय विश्नोई ने वन्दे मातरम् पदयात्रा निकालकर नए समीकरण खड़े कर ही दिए हैं, साथ ही कईयों के कान भी खड़े कर दिए हैं।

अभी तक शहर में त्रिवारीय सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाते सारा पावर राकेश सिंह के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। पिछली बार तक सभी विधायक और संगठन पदाधिकारियों का जमावड़ा राकेश सिंह के आसपास होता रहा है। कुछ मौक़ों को छोड़ दिया जाए तो राकेश सिंह को सबसे क़द्दावर भाजपा नेता माना जाने लगा था, लेकिन उनके सांसद और प्रदेश अध्यक्ष रहते जिले की आठ में से चार सीटें खोने के बाद उनकी क़द्दावरी पर दबी ज़ुबान से सवाल उठाए जाने लगे। भाजपा की सरकार जाते ही नई तरह की संभावनाएँ जबलपुर में तलाशी जाने लगी है। इन सम्भावनाओं में पुराना और जाना पहचाना नाम तेज़ी से आकर्षण फैलाने लगा। लम्बे अंतराल के बाद विधायक अजय विश्नोई की सक्रियता कुछ विशेष संकेत दे रही है।

पिछला विधानसभा चुनाव पाटन से हारने के बाद अजय विश्नोई एक तरह से नेपथ्य में चले गए थे। स्थानीय स्तर पर उन्हें हाशिए पर रखा गया, जिसे उन्होंने सज्जनता पूर्वक स्वीकार भी कर लिया था। किसी तरह के राजनीतिक विवादों में पड़ने की बजाय अजय विश्नोई ऊपर ही ऊपर अपनी बिसात बिछाते रहे जिसका फ़ायदा यह हुआ इस बार के विधानसभा चुनाव की टिकिट के लिए पार्टी उनकी ‘हाँ’ का हफ़्ते भर इंतज़ार करती रही। इस बार वो पाटन से भारी बहुमत से जीते। इस जीत के साथ ही उन्होंने अपनी सियासत को नया चोला पहनाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण के साथ अब शहर की भाजपा सियासत में उनका दख़ल होगा यह रविवार को उनके द्वारा निकाली गई वन्दे मातरम् पदयात्रा से साफ़ हो गया है। शहीद स्मारक से लेकर टाउन हाल तक निकाली गई उनकी पदयात्रा में भाजपा के कई पुराने और नए चेहरे दोनों काफ़ी तादाद में नज़र आए। जो यह संकेत देने के लिए पर्याप्त है कि शहर में एक और पावर सेंटर जल्द ही स्वरुप लेने वाला है।

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पूर्व मंत्री विधायक अजय विश्नोई और सांसद राकेश सिंह के सियासी ताल्लुकात शुरू से ही मिठास भरे नहीं रहे। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा समर्थित युवा नेता और कार्यकर्ता किस तरफ़ रूख करते हैं।