एमपी में अपने विधायक को मंत्री ना बनाने से नाराज है अखिलेश यादव

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लखनऊ =समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने तेलंगाना के मुख्‍यमंत्री के चंद्रशेखर राव के क्षेत्रीय दलों को एक साथ लाकर संघीय मोर्चा बनाने का समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा कि वह खुद ही चंद्रशेखर राव से मिलने के लिए हैदराबाद जाएंगे। वहीं मध्‍य प्रदेश में अपने विधायक को मंत्री नहीं बनाने पर अखिलेश यादव नाराज दिखे और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्‍होंने समाजवादियों का रास्‍ता साफ कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि बीजेपी को भी धन्‍यवाद जिसने समाजवादियों को बैकवर्ड समझा।
अखिलेश ने कहा, ‘देश में महागठबंधन हो इसके लिए प्रयास पिछले कई महीने से चल रहा है। मैं तेलंगाना के सीएम के इस प्रयास का समर्थन करता हूं। मैं उनसे मिलने के लिए मैं स्‍वयं हैदराबाद जाऊंगा। राव का प्रयास है कि क्षेत्रीय दलों का एक संघीय मोर्चा बने, इसलिए मैं उनसे मिलने जाऊंगा।’ उन्‍होंने कहा कि बीजेपी ने जाति और धर्म के आधार पर वोट मांगा। विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादियों को बीजेपी ने बैकवर्ड समझा और हम उन्‍हें इसके लिए धन्‍यवाद देते हैं।
उन्‍होंने कहा, ‘हम कांग्रेसियों को भी धन्‍यवाद देते हैं जिन्‍होंने मध्‍य प्रदेश में हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया। हम उनका और भारतीय जनता पार्टी का धन्‍यवाद देते हैं। कम से कम उन्‍होंने समाजवादियों का रास्‍ता साफ कर दिया।’ अखिलेश यादव के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि वह कांग्रेस और बीजेपी से इतर एक तीसरे मोर्चे के साथ लोकसभा चुनाव में जा सकते हैं जिसके लिए चंद्रशेखर राव प्रयासरत हैं।
टीआरएस अध्यक्ष राव ने संघीय मोर्चा बनाने के लिए प्रयास तेज कर दिया है और इसी उद्देश्‍य के लिए उन्‍होंने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। राव ने कहा था कि संघीय मोर्चे के लिए बातचीत जारी रहेगी। राव ने राज्य सचिवालय में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से कहा था, ‘बहुत जल्द ही हम ठोस योजना के साथ आएंगे।’
उन्होंने कहा,‘‘गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस गठबंधन के लिए मेरे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।’ ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक से भुवनेश्वर में बैठक करने के एक दिन बाद टीआरएस प्रमुख ने ममता से मुलाकात की। अपने गृह राज्य तेलंगाना में फिर से जीत हासिल करने वाले राव 2019 के चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और बीजेपी का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए नेताओं के साथ बैठक कर रहे है।