लॉन्च हुआ देश का वजनी सैटलाइट GSAT-11,अब इंटरनेट स्पीड में क्रांति

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नई दिल्ली : आखिरकार वह क्षण आ ही गया जब देश के सबसे वज़नी सैटलाइट यानी GSAT-11 को लॉन्च कर दिया गया। 5,854 किलोग्राम के इस सैटलाइट को बुधवार सुबह यूरोपियन स्पेस एजेंसी फ्रेंच गयाना से लॉन्च किया गया। यह एक कम्युनिकेशन सैटलाइट है, जो देश में इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने में मदद करेगा। यह सैटलाइट इतना बड़ा है कि प्रत्येक सोलर पैनल चार मीटर से ज्यादा लंबे है, जो कि एक बड़े रूम के बराबर है। पहले इस सैटलाइट को इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया जा रहा था, लेकिन सिस्टम में तकनीकी खामी के शक के चलते भारतीय स्पेस एजेंसी ने इसे चेक करने के लिए फ्रेंच गयाना से अप्रैल में वापस मंगवा लिया। यह फैसला GSAT-6A की असफलता को देखते हुए भी लिया गया था। दरअसल अप्रैल के आसपास ही GSAT-6A अनियंत्रित हो गई थी और 29 मार्च को इसके लॉन्च होने के तुरंत बाद ही संपर्क टूट गया। ऐसे में GSAT-11 को उस वक्त लॉन्च न करने का फैसला किया गया। कई तरह के परीक्षण और जांच के बाद अब जाकर GSAT-11 को लॉन्च कर दिया गया है।
SAT-11 सैटलाइट की खास बातें और फायदा:
1- इस सैटलाइट को इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर कहा जा रहा है। इस सैटलाइट के काम शुरू करने के बाद देश में इंटरनेट स्पीड में क्रांति आ जाएगी। GSAT-11 के जरिए हर सेकंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी।
2- GSAT-11 में 40 ट्रांसपोंडर कू-बैंड और का-बैंड फ्रीक्वेंसी में है। इसकी सहायता से हाई बैंडविथ कनेक्टिविटी 14 गिगबाइट/सेकेंड डेटा ट्रांसफर स्पीड संभव है।
3- इस सैटलाइट की खास बात है कि यह बीम्स को कई बार प्रयोग करने में सक्षम है, जिससे पूरे देश के भौगोलिक क्षेत्र को कवर किया जा सकेगा। इससे पहले के जो सैटलाइट लॉन्च किए गए थे उसमें ब्रॉड सिंगल बीम का प्रयोग किया गया था जो इतने शक्तिशाली नहीं होते थे कि बहुत बड़े क्षेत्र को कवर कर सकें।
4- GSAT-11 में चार उच्च क्षमता वाले थ्रोपुट सैटलाइट हैं, जो अगले साल से देश में हर सेकंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देंगें। ग्रामीण भारत में इंटरनेट क्रांति के लिहाज से यह सैटलाइट उल्लेखनीय कदम है।