प्लेन में आतंकी बाद में कहा मै तो मजाक कर रहा था

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कोलकाता =मुंबई हमले की बरसी के दिन कोलकाता के एक युवक को प्लेन में आतंकवादी वाला मजाक भारी पड़ गया। मुंबई जाने वाले विमान में बैठे इस शख्स ने अपने दोस्तों को मजाक-मजाक में विमान में आतंकियों के होने वाला मेसेज भेजा। शख्स की इस हरकत को उसके साथ बैठे एक यात्री ने नोटिस किया और इसकी सूचना केबिन क्रू को दे दी। फिर आनन-फानन में यात्री को हिरासत में ले लिया गया।
अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक दरअसल जे पोद्दार नामक एक युवक जेट एयरवेज की फ्लाइट 9W 472 से मुंबई जाने के लिए आपने पांच दोस्तों के साथ विमान में चढ़ा। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘अपनी सीट पर बैठने के बाद उसने रूमाल से अपना आधा चेहरा ढक लिया और अपने फोन से वॉट्सऐप मेसेज भेजना शुरू कर दिया। पोद्दार के बगल में बैठे एक ब्रिटिश यात्री को पोद्दार की गतिविधि संदेहास्पद लगी। उसके भेजे जा रहे मेसेज में एक मेसेज विमान में आंतकी वाला था।’ इसके बाद यात्री ने यह सूचना क्रू को दे दी और फिर क्रू ने इसकी जानकारी पायलट को दी। पायलट ने स्थानीय अधिकारियों से यह सूचना साझा किया। इसके तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया।
आरोपी युवक को हिरासत ले लिया गया है। सीआईएसएफ युवक से इस बारे में पूछताछ कर रही है। वहीं युवक का कहना है कि वह अपने साथियों से आतंकवादियों के फ्लाइट में होने से जुड़ी बात मजाक में कह रहा था।
आरोपी युवक प्लेन बोर्ड करने के बाद से ही आपस में फ्लाइट में आतंकवादी होने से जुड़ी बातें कहते सुना गया। वह बार-बार ‘टेररिस्ट’ शब्द का जिक्र कर रहा था, जिसके बाद उसे पास बैठे ब्रिटिश पैसेंजर ने यह बात क्रू को बताई। युवक का कहना है कि वह साथियों से मजाक कर रहा था और उसकी बात गलत तरह से समझी गई।
जब यह मामला जानकारी में आया तब फ्लाइट रनवे पर थी, जब पायलट को इस बारे में पता चला और उसने प्लेन को सेफ पार्किंग एरिया में ले जाने का फैसला किया। क्रू ने यह बात एयरपोर्ट के अधिकारियों तक भी पहुंचाई। फौरन कार्रवाई करते हुए सीआईएसएफ अधिकारियों ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। उसका नाम जे पोद्दार बताया जा रहा है। साथ ही अब एयरक्राफ्ट की भी गहन जांच होगी, तभी उसे उड़ान के लिए तैयार मानते हुए अनुमति दी जाएगी।
सीआईएसएफ युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादियों से जुड़ी धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता इसलिए आगे की कार्रवाई निश्चित प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी।