नोटबंदी की दूसरी सालगिरह प्रधानमंत्री देश से माफी मांगे

0
69

नई दिल्ली =नोटबंदी के 2 साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस ने प्रधान मंत्री मोदी से कहा है की इस असंवेदनशील फैसले को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने इसे तुगलकी फरमान करार देते हुए कहा कि अब यह साबित हो चुका है कि इस फैसले से देश को कोई लाभ नहीं हुआ। , ‘ मोदी जी ने गरीब जनता के पैसे को अपराध का पैसा और काला धन करार दिया था। क्या कोई अपराधी बैंक में पैसे डालता है? इस फैसले से गरीबों पर तो कुछ नहीं आया, लेकिन कश्मीर में आतंकी हमलों में 2 हजार के लाखों के नोट आतंकियों पर मिले। नेपाल में करोड़ रुपये के नकली नोट पकड़े गए।’
आनंद शर्मा ने कहा कि कैश सर्कुलेशन की बात करें तो नोटबंदी के समय देश में 72 पर्सेंट था और आज 80 प्रतिशत है। दुनिया के हर देश में कैश चलता है। मेरा प्रधान मंत्री से सीधा प्रश्न है कि क्या वह अपनी गलती मानने के लिए तैयार हैं। लेकिन, वह नहीं मानेंगे क्योंकि वह अहंकार और राजहठ में हैं। इससे देश को तकलीफ हुई। देश की जीडीपी 2 पर्सेंट टूट गई। देश की जीडीपी को डेढ़ लाख करोड़ का लॉस हुआ।
आनंद शर्मा ने कहा कि इस फैसले से देश की 43 पर्सेंट एमएसएमई बंद हो गईं। लघु उद्योगों में 12 लोग करोड़ काम करते थे। इस तरह 4 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर चोट पहुंची। तमाम कंपनियां 6 से 8 महीने नहीं खुलीं और बहुत सी कभी नहीं खुलेंगी। उन गरीबों को ही कतार में खड़ा होना पड़ा, जिनके नाम पर नोटबंदी की गई थी। यह तुगलकी फरमान था। देश में 1,34,000 बैंक शाखाएं हैं, गांव 6.5 लाख हैं। 78 पर्सेंट बैंक शाखाएं शहरों में हैं।
शर्मा ने कहा, क्या कारण है कि इतना पैसा आने के बाद देश के बैंकों में पैसा नहीं है। पैसा आया और लुटाया गया। इनके शासनकाल में एनपीए 9 लाख करोड़ हो गया। ये कहते हैं कि भ्रष्टाचार खत्म हुआ है, लेकिन देश के बैंक लुट गए।