बीजेपी और कांग्रेस दोनों में ही विद्रोह

0
199

भोपाल \ जबलपुर =मध्यप्रदेश विधान सभा चुनावों के लिए जैसे ही बीजेपी और कांग्रेस ने टिकिटों की घोषणा की उसके बाद से ही टिकट न पाने वालो की तरफ से विद्रोह की खबरे आने लगी चूंकि इस बार दोनों दलों के बीच जम कर कश्मकश हैइसलिए दोनों दलों के ही टिकिट चने वाले उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा है जंहा तक बीजेपी की बात है उसे एक अनुशाषित पार्टी माना जाता था पर इस बार उसका ये भ्रम टूट गया की आला कमान जो भी कहेगा वो कार्यकर्त्ता और नेता मान लेंगे छोटे मोठे नेताओ की बात छोड़ दे यंहा तो केंद्रीय मंत्री रहे सरताज सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री रह चुके बाबूलाल गौर ने भी विद्रोह का बिगुल बजा दिया दरअसल इस बार दोनों ही दलों ने दल बदल कर पार्टी में आये नेताओ पर ज्यादा भरोसा किया या ये कहे की वे मोल भाव करके ही पार्टी में शामिल हुए ऐसे नेताओ को जब टिकटआसानी से मिल गयी तो जाहिर सी बात है कीजो कार्यकर्त्ता बरसों से पार्टी का कामकर रहेथे उन्हें तकलीफ हुई होगी और ये तकलीफ विद्रोह केरूप मेसामने आ गयी बीजेपी में तो जबलपुर कीउत्तर मध्य विधान सभा सीट को लेकर इतना घमासान मचा कि भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धीरज पटेरिया ने पार्टी के तमाम पदों के साथ साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दे दिया इधर पनागर सीटमें सशील तिवारी को टिकिट देने के विरोध में एक दर्जन बड़े नेता सामने आ गए और उन्होंने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके पार्टी हाई कमान को अल्टीमेटम दे दिया ये ही हाल जबलपुर की सिहोरा विधान सभा सीट के लेकर बनी जंहा बीजेपी से कांग्रेस में आये नेता खिलाडी सिंह आर्मो को टिकिट दी गयी जिसको लेकर कोल समाज के लोगो ने घोरआपत्ति दर्ज की बताया जाता है की दिल्ली दरबार में अनेक नेताओ ने खिलाडी सिंह की टिकिट बदलने की मांग बड़े नेताओं के सामने रख दी विद्रोह इतना जबरदस्त है की आला कमान को भी इस बारे ें विचार करना पड रहा है जबलपुर उत्तर मध्य में कांग्रेस में घमासान हैयही कारण है की अभी तक कांग्रेस अपने प्रतयषी के नाम की घोषणा भी नहीं कर पाई उधर बरगी विधान सभा में कांग्रेस के प्रत्याशी संजय यादव के खिलाफ भी विद्रोह की खबरे आई है कार्यकर्ताओ का कहना है की कांग्रेस के सारे सर्वे व्यर्थ साबित हुए और बड़े नेताओ ने अपने अपने ख़ास लोगो को टिकिट देकर उपकृत कर दिया उनका ये भी कहना है यही कारण है की कांग्रेस सब कुछ होते हुए भी सत्ता में नहीं आ पाती