राफेल पर आलू वाले का सवाल

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राघवेंद्र सिंह

घटना मुरार सब्जी मंडी की है। आलू बेचने वाला सब्जी खरीदने वाले से पूछता है कि भैया ये राफेल का मामला क्या है ? यह सुनकर समीप खड़े भाजपा के मंडल अध्यक्ष को मौका मिला समझाने का, तो उन्होंने बिना देर किये आलू बेचने वाले को समझाया कि कुछ नहीं है। यह सब राहुल गांधी का फैलाया हुआ है। इतना सुनकर सब्जी वाले ने दूसरा सवाल किया कि सरकार तो मोदी की है तो फिर राहुल गांधी कैसे ? मंडी में दोनों के बीच वाद-विवाद होता रहा आसपास के खरीददार भी इस बहस में शामिल हो गये। कोई किसी को संतुष्ट तो नहीं कर पाया, लेकिन इससे ये तो जाहिर हो गया कि सब्जी बेचने वाले तक राफेल खरीदी पर शक पहुंच गया है। समझाने वाले भी उन्हें संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। ठीक ऐसा ही मध्यप्रदेश में अब भावान्तर को लेकर हो गया है। इसी तरह आइडिया आफ समृध्द मध्यप्रदेश को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। समृध्द मध्यप्रदेश को लेकर आइडिया पर अब लोग भी सवाल पूछने लगे हैं कि जब प्रदेश में 15 साल से सरकार है तो मध्यप्रदेश समृध्द क्यों नहीं हो पाया। शिक्षा और स्वास्थ्य में मध्यप्रदेश पीछे क्यों रह गया। जब भाजपा का दावा मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने का है तो फिर क्यों नहीं जनता शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा को लेकर संतुष्ट हो पा रही है। ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनके जवाब देने की कोशिश भाजपा नेता कर तो रहे हैं मगर शक कोई दूर नहीं कर पा रहा है। पहला सवाल मोदी से है तो दूसरे सवाल 15 साल की इस सरकार से भी पूछे जा रहे हैं।
भाजपा-कांग्रेस में भले ही प्रत्याशियों की घोषणा न हुई हो मगर सब्जी मंडी से लेकर जनता की अदालत तक सवालों की भरमार है। ऐसा नहीं है कि सवाल केवल भाजपा से हो रहे हों। कांग्रेस को लेकर भी सवालों की मंडी लगी हुई है। भाजपा वाले तो कम से कम जवाब देने की कोशिश तो कर रहे हैं मगर कांग्रेसी फिलवक्त टिकट के जुगाड़ में दिल्ली गए हुए हैं तो नेतागणों को तो वहां रहना ही था। लोग उनसे भी पूछ रहे हैं कि भाईसाब पांच साल तो कभी दिखे नहीं। अब भी दिख नहीं रहे हैं तो क्या केवल वोट लेने ही आओगे। बहरहाल, सवालों की मंडी लगी हुई है कोई ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा है तो कोई सवाल पूछने में ही व्यस्त है।