वो हर सोमवार लंगूरों को खिलाते हैं 1700 रोटियां

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अहमदाबाद = पशु प्रेमी आपने बहुत से देखे होंगे और बहुत से ऐसे लोगों के बारे में सुना है जो पशु सेवा को धर्म समझते हैं, गुजरात के स्वप्निल भी ऐसे ही पशु प्रेमियों में से एक हैं। उनकी सेवा कुछ खास है।
अहमदाबाद के स्वप्निल का यह प्रेम लंगूरों के लिए है। वह पिछले करीब दस साल से लंगूरों को रोटियां खिला रहे हैं और अब तो हर सोमवार 1700 के लगभग रोटियां जाकर लंगूरों में बांटते हैं।
स्वप्निल पिछले 10 साल से लंगूरों को हर सोमवार को रोटियां खिला रहे हैं। उनका परिवार भी इसे लेकर अच्छा महसूस करता है और उनके बच्चे भी साथ जाते हैं।
स्वप्निल बताते हैं कि छह महीने पहले वह आर्थिक रूप से बहुत बुरी स्थिति में आ गए थे, लेकिन फिर भी उन्होंने अपना यह काम बंद नहीं किया। कहते हैं कि इस काम के साथ वह फिर से अच्छी स्थिति में आ गए हैं।
स्वप्निल इतने लंबे समय से लंगूरों को रोटी खिला रहे हैं और अब तो लंगूर भी उन्हें पहचानने लगे हैं।मासूम लंगूर अपने हाथ में रोटी पाकर खुश हो जाते हैं और स्वप्निल के पहुंचते ही उन्हें रोटी लेने के लिए घेर लेते हैं।
रोटी लेकर लंगूरों के क्षेत्र में पहुंचते ही जानवर समझ जाते हैं कि उनके लिए खाना आया है और हक से यहां आ जाते हैं।स्वप्निल सिर्फ लंगूरों से प्यार और उनकी सेवा करते हैं ऐसा नहीं है। वह बकरियों और मवेशियों की सेवा भी करते दिखते हैं। उनका मानना है कि हर इंसान को पशुओं से प्यार करना चाहिए।उनकी ये कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है