यकायक रक्षा मंत्री को फ़्रांस क्यों जाना पड़ा राहुल का सवाल

0
54

नई दिल्ली =कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील को लेकर एक बार फिर नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राफेल पर नए खुलासे से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि प्रधानमंत्री ने 30,000 करोड़ रुपये अनिल अंबानी की जेब में डाले हैं। राहुल ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के फ्रांस दौरे पर भी सवाल उठाया है। फ्रांस की इन्वेस्टिगेशन वेबसाइट मीडियापार्ट में छपे एक लेख के हवाले से कहा कि अब दसॉ के सीनियर एग्जिक्युटिव ने भी यह कहा है कि पीएम मोदी के कहने पर रिलायंस को राफेल डील में शामिल किया गया था।
राहुल ने कहा कि इससे पहले राफेल पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने भी कहा था कि हिंदुस्तान के पीएम ने उनसे कहा था कि अनिल अंबानी को इसका कॉन्ट्रैक्ट मिलना चाहिए। अब राफेल के सीनियर एग्जिक्युटिव रहे एक शख्स ने कहा है कि हिंदुस्तान के पीएम ने अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये का कॉम्पेंसेशन दिया है। राहुल ने कहा, ‘सुना है कि निर्मला सीतारमन जी फ्रांस गई हैं। आखिर क्या इमर्जेंसी है कि वह फ्रांस गई हैं और उन्हें दसॉ की फैक्ट्री में जाना है।’
राहुल ने कहा , ‘अनिल अंबानी पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, इसलिए पीएम ने उनकी जेब में 30,000 करोड़ रुपये डाल दिए। राफेल के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी ने यह बात कही है। इससे साफ भट्ष्टाचार का केस हो ही नहीं सकता है। पूरे हिंदुस्तान को मालूम है कि मोदी जी ने जनता के 30,000 करोड़ रुपये अनिल अंबानी की जेब में डाले हैं।’
गौरतलब है कि फ्रांस की वेबसाइट ने कथित तौर पर दसॉ के आंतरिक दस्तावेजों और एक एग्जिक्युटिव की टिप्पणी के आधार पर यह कहा है कि इस डील के लिए जरूरी था कि दसॉ अनिल अंबानी की कंपनी को पार्टनर बनाए। यह एक तरह से कॉम्पेन्सेशन की तरह थाराहुल ने कहा, ‘देश के पीएम भ्रष्ट हैं। उन्होंने भ्रष्टचार से लड़ने के नाम पर सत्ता हासिल की थी। हमने जब उनसे लोकसभा में डिस्कशन किया तो वह आंख से आंख नहीं मिला पा रहे थे।’

शरद पवार की ओर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी का बचाव किए जाने पर राहुल ने कहा, ‘पवार साहब ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। यहां मुद्दा यह है कि फ्रांस के राष्ट्रपति और दैसॉ के एग्जिक्युटिव ने ही कहा है कि भारत का पीएम करप्ट है। हिंदुस्तान की रक्षा मंत्री फ्रांस जा रही हैं। इससे स्पष्ट संकेत क्या हो सकता है।’