‘ डाक्टरों की पिटाई से आहत एक डाक्टर ने ब्यूटी पार्लर खोला

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कोलकाता =डॉक्टरों औरबीमारों के तीमारदारों के बीच झड़प के बाद अक्सर डॉक्टरों की हड़ताल के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन ये पहली बार ही हुआ है कि डॉक्टरों पर हमले की वजह से कोई डॉक्टर रोजी-रोटी के लिए दूसरे पेशे की तरफ रुख कर सकता है। , पश्चिम बंगाल में ऐसा ही हुआ है, जहां डॉक्टरों की पिटाई के बढ़ते मामलों से आहत एक सर्जन ने रोजगार के लिए नया विकल्प चुना है।
इ समय वेबसाइट की खबर के मुताबिक राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात कस्बे के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर नीलाद्रि बिस्वास ने डॉक्टरी के पेशे को छोड़कर अब एक यूनिसेक्स ब्यूटी पार्लर खोला है। कुछ दिन पहले वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम नाम के फेसबुक पेज के जरिए डॉ. बिस्वास ने अपने इरादों का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अस्पतालों में डॉक्टरों की पिटाई और उनको कानूनी रूप से प्रताड़ित करने के बढ़ते मामलों की वजह से वह एक दूसरे प्रोफेशन में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।
बिस्वास के ब्यूटी पार्लर का रविवार को उद्धाटन किया गया। इस पार्लर में डॉक्टरों के लिए छूट रखी गई है। स्वास्थ्य विभाग और उनके परिजनों को यहां 30 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के सूत्रों ने पुष्टि की है कि बिस्वास ने कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और आरजी कार मेडिकल कॉलेज से एमएस (ऑर्थोपेडिक्स) की पढ़ाई की थी।
एक युवा ऑर्थोपेडिक सर्जन के तौर पर उनका अब तक का करियर काफी कामयाब रहा है और उन्होंने बारासात, हावड़ा और बोंगांव के हजारों मरीजों का इलाज किया है। अब तक उन्हें इस पेशे में किसी विपरीत परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ा था। इसी वजह से लोग डॉक्टरी की प्रैक्टिस छोड़ने के उनके फैसले से हैरानी जता रहे हैं।
इस मामले में जब डॉक्टर बिस्वास से उनका राय पूछी गई तो उन्होंने जवाब दिया, ‘अभी मैं अपना मेडिकल प्रोफेशन छोड़ नहीं रहा हूं लेकिन अगर पार्लर अच्छा चलने लगा तो मैं मरीजों को देखना पूरी तरह से बंद कर दूंगा।’
फोटो प्रतीकात्मक है